मुरली मनोहर पांडेय
साहित्य उपवन रचनाकार ने महाशिवरात्रि के पावन पर्व को साहित्यिक अनुष्ठान शिवपार्वती विवाह के रूप में सम्पन्न किया। जिसमें देश के कोने कोने के दर्जनों रचनाकारों ने अपने भावोद्गार सृजन के माध्यम से प्रकट किये। सभी रचनाएं भक्ति भाव से परिपूर्ण थीं। इन रचनाओं ने पटल को वास्तव में भक्तिमय बना दिया जिससे उपवन का हर रचनाकार शिव की अनन्य भक्ति में डूबे गया। इस अनोखे कार्यक्रम ने सबका ध्यान अपनी ओर सहज ही आकर्षित किया। शाम आठ बजे सभी रचनाकारों को उपवन की व्यवस्थापिका कार्यकारी अध्यक्षा संगीता मिश्रा जी के कर कमलों से व्योमकेश मणि सम्मान से सम्मानित किया गया। सम्मान के साथ ही रचनाओं को एक खूबसूरत अंदाज व अलंकरण के जरिये प्रेषित किया गया। यह हर रचनाकार के लिए किसी आश्चर्यजनक तोहफे से कम नहीं था। एक बार फिर अपनी तौर तरीकों के मुताबिक साहित्य उपवन रचनाकार ने इलैक्ट्रोनिक जगत में पावन अनुष्ठान दर्शकों के दिल पर छाप छोड़ी। साहित्य उपवन रचनाकार सदैव रचनाकारों को सम्मान करके उत्साहित करता रहता है जो कि अद्वितीय है। साहित्य उपवन रचनाकार के सभी पदाधिकारी कल्याणकारी भाव से संगठित होकर कार्य करते हैं जो इस मंच की खासियत है। भाव महाकुंभ में शामिल रचनाकर हैं -
शिवशंकर लोध राजपूत जी, सरला भंसाली जी, सरोज दुगड़ सविता जी, सिमी नाथ जी, छोटेलाल शुक्ला जी, नरेश द्विवेदी जी, उषा भट्ट जी, आशा शुक्ला जी, विजय शंकर मिश्रा जी, दिलीप कुमार झा जी, सुजाता प्रिय जी, मीना माहेश्वरी माही जी, अर्चना तिवारी स्मृति जी, संजीव भटनागर जी, करुणा अथैया किरण जी, अनु तोमर जी, स्वर्णलता सोन जी, नन्द किशोर बहुखंडी जी, रूपा माला जी,भास्कर बुडाकोटी निर्झर जी, युद्धबीर सिंह बिष्ट जी, बाबा बैद्यनाथ झा जी, सुनीता ममगाई जी, कृष्णकांत मिश्रा जी, सिद्धि डोभाल जी, अंशी कमल जी, राम कुमार झा निकुंज जी, मीनू द्विवेदी जी, गौतम सिंह अनजान जी, महिमा सिंह जी, दिव्या भट्ट जी, रेवा राम डेहरिया जी, संगीता बहुगुणा संगी जी, आशा नेगी पंवार जी, आकांक्षा गुप्ता जी, विशाल गुप्ता जी, कुसुमलता जी, प्रीति द्विवेदी जी, नीतू रवि गर्ग कमलिनी जी व महेंद्र सिंह कटारिया जी इत्यादि। साहित्य समृद्धि के लिए समर्पित साहित्य उपवन रचनाकार मंच अद्वितीय है।
