रिपोर्ट: प्रिंस प्रजापति
लखनऊ पुलिस हेडक्वार्टर में रविवार को डीजीपी राजीव कृष्ण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सावन मास में चल रही कावड़ यात्रा के लिए किए गए सुरक्षा और व्यवस्थागत इंतजामों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यूपी, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक हो चुकी है और मेरठ जोन में विशेष ट्रैफिक स्कीम लागू की गई है।
करीब 45,000 पुलिसकर्मी 50 कंपनियों में तैनात किए गए हैं। प्रत्येक 1 किलोमीटर पर पुलिस जवान मौजूद हैं। सीसीटीवी कैमरे और टीथर्ड ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है। घाटों पर गोताखोर तैनात किए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। खाद्य सुरक्षा के लिए अधिकृत एजेंसियों के अधिकारी तैनात हैं।
डीजीपी ने कहा कि धर्मांतरण के मामलों में एटीएस जांच कर रही है। सबूतों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस साक्ष्यों के आधार पर काम करती है और जरूरत पड़ने पर अन्य एजेंसियों की मदद ली जाएगी।
डीजीपी ने ढाबा संचालकों से अपील की कि वे ऐसा कोई कार्य न करें, जिससे कावड़ियों की भावनाएं आहत हों। डीजे की ऊंचाई और ध्वनि के लिए निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
आगरा, बरेली, मेरठ और प्रयागराज जोन में कावड़ यात्रा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। डीजीपी ने लोगों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की।
डीजीपी ने चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था के खिलाफ कोई भी कार्य करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस यात्रियों की सुरक्षा और समन्वय के लिए पूरी तरह तत्पर है।


