आजादी की लड़ाई में मुसलमानों की कुर्बानियों को नजर अंदाज करके हिन्दुस्तान में नहीं कर सकता कोई राजनीति-भरतलाल राही
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की कुर्बानियों एवं उनकी तकलीफ को महसूस करने की है अति आवश्यकता-अरशद जमाल
मुरली मनोहर पांडेय
मऊनाथ भंजन। स्वतंत्रता दिवस की 79वीं वर्ष गांठ पर पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल द्वारा नगर पालिका प्रांगण में 8ः00 बजे ध्वजारोहण किया गया जबकि उन्होंने सदर चैक पर लगभग साढ़े आठ बजे ध्वजारोहण किया।
राष्ट्रगान के उपरान्त पालिकाध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार ने पालिका प्रांगण में उपस्थित स्कूली बच्चों एवं कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुये उन्हें हृदय तल से स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी।
इस शुभ अवसर पर पालिकाध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी ने पालिका परिवार एवं समस्त जनपद वासियों को स्वाधीनता दिवस की बधाई दी।
इसके उपरान्त पूर्व की भांति पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल के नेतृत्व में नगर पालिका कार्यालय से स्कूली बच्चों, सभासदों, कर्मचारियों का एक पैदल मार्च निकाला गया जो सदर चैक पर पहुंच कर जनसभा में परिवर्तित हो गया। सदर चैक पर पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल द्वारा झण्डा रोहण किया गया। शहीद स्मारक पर कैण्डिल जला कर शहीदांे को श्रद्धांजलि दी गयी तथा नगर पालिका की लायब्रेरी में नगर पालिका मऊ के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार द्वारा ध्वजारोहण किया गया।
सदर चैक पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल ने देश की एकता, अखण्डता और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की वीर गाथाओं से आम लोगों को अवगत कराया ताकि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को आत्मसार करने का जोश लोगों के दिलों में खूब पनपे। उन्होंने कहा के आजादी की लड़ाई के संदर्भ में जिस इतिहास को याद रखना हमारे लिये नितांत आवश्यक हो उसे याद न रखना भी अपने पूर्वजों के प्रति नस्लांे के द्वारा की जाने वाली नाकदरी कहलाती है। हमें अपने पुरखों की धरोहर को संभालना है। यह हमारी साझा जिम्मेदारी है जिसमें आपसी भाइचारा एवं गंगाजमुनी तहजीब सबसे अहम हैं। हमारी गंगा जमुनी तहजीब हमारी भारतीय संस्कृति का मुख्य आधार है। इसी पर हमारी आजादी का मूल टिका हुआ है जिसके चलते सभी लोगों ने एक साथ मिलकर आजादी की लड़ाई लड़ी और हमें साझा विरासत दे गये।
पालिध्यक्ष अरशद जमाल ने सबसे पहले स्वतंत्रता दिवस की दिल की गहराइयों से मुबारकबाद दिया। उन्होंने कहा कि बटवारे को लेकर जो दर्द अवाम ने झेला उसे याद रखना चाहिये और उसकी बातें होते रहना चाहिये। उन्होंने कहा कि घर, कारोबार आदि के बटवारे के दौरान किताना कष्ट झेलना पड़ता है। इसका आप स्वयं अनुभव करते होंगे। जरा आप उस समय की पीड़ाओं के बारे में सोचिये जब देश का कटवारा हुआ होगा। उन्होंने उन्हीं में से एक बिन्दु की ओर ध्यान आकृृष्ट कराते हुये कहा कि जब बटवारे की लाइन खींची गयी तो मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र पाकिस्तान बना, मगर बटवारे के बाद जो हिस्सा हिन्दुस्तान के सीमा में आया उस हिस्से में बहुत बड़ी संख्या मुसलमानों की थी। बटवारे के समय मात्र 2 प्रतिशत मुसलमान ही हिन्दुस्तान छोड़कर पाकिस्तान गये, जबकि 98 प्रतिशत मुसलमान भारत छोड़कर नहीं गये वह यहीं रहे। बावजूद इसके कि हिन्दू मुसलमान बटवारे के समय गलतफहमी का शिकार हो गये और आपस में लड़कर हजारों जानें गंवा दी थीं। उन्होंने कहा कि बटवारे ने हमें संदेश दिया कि विवाद से उन्नति का रास्ता बन्द होता है इस लिये आपसी विवाद से बचना चाहिये।
उन्होंने बताया कि तब से अब के दौरान हमारा स्तर बढ़ा है। आज के दिन हम उन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के कुर्बानियों को कहानियों की तरह सुनते आये हैं जबकि उन्होंने उन पीड़ाओं को स्वयं झेलकर हमें आजादी दी है जिसका अन्दाजा लगाना सम्भव नहीं। आज हम उनके कार्यांे एवं कुर्बानियों को याद करते हुये उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि देते हैं तथा यह भी प्रार्थना करते हैं कि ईश्वर उन्हें उनके किये का पुन्य प्रदान करे। इस अवसर पर हमें यह प्रेरणा लेना चाहिये कि उनके पगचिन्हों पर चलते हुये इस आजादी की हिफाजत करेंगे।
एक वक्का द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए पालिकाध्यक्ष ने कहा कि मऊ में बुनकरों का नेता नहीं होगा यह मैं नहीं जानता लेकिन यह सेवक मौजूद है। जब से मैंने होश संभाला है किसी भी मुश्किल घड़ी में मैं बुनकरों के साथ न खड़ा हुआ हूँ आप कह नहीं सकते। ईश्वर ने चाहा तो आगे भी आप मुझे अपने साथ पहली कतार में पायेंगे। पास बुक के सम्बन्ध में बताते हुये कहा कि जो बुनकरों के हित की योजना समाप्त हो रही थी उसे बचा लेना मेरे लिये ज्यादा जरूरी काम था। मैं मा0 मुख्यमंत्री जी का आभारी हूँ कि उनके हस्तक्षेप के बाद एक पावरलूम का फ्लैट रेट 400 रूपया कर दिया गया। अगर कोई व्यक्ति और बेहतर रास्ता निकाल सकता हो तो मुझे क्या एतराज हो सकता है? मैं बुनकरों के हितों के साथ हूँ। इसके इलावा कई अन्य बिन्दुओं पर भी अरशद जमाल ने विस्तार से चर्चा करते हुये कहा कि नगर के विकास में और तेजी लायी जायेगी। मंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि कोई भी कार्य रूक नहीं सकता क्योंकि पालिका को नगर विकास मंत्री ए0के0 शर्मा जी का संरक्षण एवं सहयोग प्राप्त है।
पलिकाध्यक्ष अरशद जमाल ने घोषण करते हुये कहा कि पालिका द्वारा जल्द ही स्मारक या गेट बना कर उस पर मऊ के सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नामों को अंकित कराया जायेगा। इसके लिये जल्द ही मऊ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नामों की लिस्ट मंगा ली जायेगी।
भाजपा के वरिष्ठ नेता भरतलाल राही ने कहा के आजादी के बाद देश ने उन्नति की है। कांग्रेस की सरकार में भी देश ने लम्बी तरक्की की छलांग लगाई और भाजपा की सरकार में भी हमारा देश उन्नति की डगर पर अग्रसर है। हमें अपने देश की एकता एवं अखण्डता को मजबूत बनाने के लिये मिलजुलकर काम करना होगा।
इस अवसर पर सभासदगण अब्दुस्सलाम शामियाना, शफीकुर्रहमान पहलवान, मु0 इस्माईल, इकबाल अहमद, माक्र्सवादी कम्यूनिष्ट पार्टी के नेता कामरेड राम अवतार सिंह, माक्र्सवादी कम्यूनिष्ट पार्टी के महासचिव वीरेन्द्र कुमार, फखरे आलम, सरवर अली मंसूरी, कांग्रेस नेता खालिद अंसारी, अनीस अहमद, अख्तर भारती, खुर्शीद अनवर, श्रीकांत त्रिपाठी, एकबाल अहमद अंसारी व सामाजिक संगठों के पदाधिकारीगण, पालिका के अधिकारिययों व कर्मचारियों के इलावा बहुत से क्षेत्रीय लोगों की बड़ी संख्या उपस्थित थी।
सभा का संचालन सीपीआईएम नेता कामरेड वीरेन्द्र कुमार ने किया तथा अध्यक्षता पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल ने की।



