रिपोर्ट : बीके सिंह
लखीमपुर खीरी। दक्षिण खीरी वन प्रभाग की शारदानगर रेंज में शातिर लकडकटटों व वन विभाग का गठजोड़ लगातार गुल खिला रहा है। रेंज की देवकली, खीरी व उसिया वन बीट में वन विभाग की सरपरस्ती में प्रतिदिन दर्जनों प्रतिबंधित पेड़ों का अवैध कटान लगातार जारी है। इसके साथ ही सडक या नहर किनारे लगे सरकारी पेड भी काटे जा रहे हैं। लेकिन इन अवैध कटानों पर अंकुश लगाने के जिम्मेदार व खुद को ईमानदार बताने वाले शारदानगर रेंजर अभय कुमार मल्ल अपने वातानुकूलित कार्यालय में घोड़े बेंच पर चैन की नींद सो रहे है। उन्हें इस बात की रत्ती भर भी परवाह नहीं है कि उनके विभाग के अफसर व कर्मचारी क्या गुल खिला रहे हैं। फिर चाहे लकडकटटे जंगल के बेशकीमती पेड़ों का कटान करें या फिर किसी आम किसान के पेड़ों का काट डाले। क्षेत्र में हुए विभिन्न अवैध कटानों को लेकर शारदानगर रेंजर अभय कुमार मल्ल से जब भी बात की गई तो वह खुद को ईमानदार अफसर साबित करते हुए तत्काल कार्रवाई की हमेशा दावा करते हैं, लेकिन वह किसी भी शातिर लकडकटटे के विरुद्ध कभी कार्रवाई नहीं करते हैं। जबकि शारदानगर रेंज में लगातार हरे भरे व प्रतिबंधित पेड़ों का बदस्तूर सफाया जारी है।
केस नंबर एक
पहला केस शारदानगर रेंज की खीरी वन चौकी क्षेत्र के फत्तेपुर गांव का है। जहां नौ पेड़ों के परमिट की आंड में सागौन के करीब पंद्रह पेड़ों पर आरा चला दिया। इस मामले में वन विभाग के अफसर जवाब देने से कतरा रहे हैं। जिससे साफ पता चल रहा है कि वह विभाग की सहमति से अतिरिक्त सागौन के पेड़ों का अवैध कटान किया गय शारदानगर रेंज की खीरी वन चौकी क्षेत्र के फत्तेपुर गांव के तीन किसानों के प्रतिबंधित सागौन के पंद्रह पेड़ों को क्षेत्र में सक्रिय शातिर लकडकटटे शिवकुमार सिंह ने खरीदा था। बताते है कि शातिर लकडकटटे शिवकुमार सिंह ने क्षेत्र के डिप्टी रेंजर राजेश से सांठगांठ कर सागौन के नौ पेड़ों का परमिट जारी करा लिया। लेकिन शातिर लकडकटटे ने महज़ नौ पेड़ों के परमिट की आंड में रातों रात पंद्रह पेड़ों को काट डाला। सबसे खास बात यह है कि शातिर लकडकटटों ने अपनी करतूत छिपाने के लिए अवैध कटान करने के बाद जेसीबी मशीन से सागौन के पेड़ों की जड़ों को खुदवा कर मौके से हटा दिया। इस बाबत डिप्टी रेंजर राजेश से बात की गई तो वह सागौन के अतिरिक्त पेड़ों के कटान पर साफ मुकर गए। उनका कहना है कि नौ पेड़ों का परमिट जारी हुआ है और नौ पेड ही काटे गए हैं। जबकि अवैध कटान स्थल के पास ही लगी आरा मशीन पर खोदी गई जड़ें अपनी गवाही दे रही है।
केस नंबर दो
केस नंबर दो शारदानगर रेंज की देवकली वन चौकी क्षेत्र के ढसरापुर चौराहे का है, जहां ढसरापुर चौराहे से चौदह कदम की दूरी पर तीन सरकारी शीशम के पेड़ लगे थे। जिन्हें क्षेत्र के महाभ्रष्ट वन दरोगा अमित मिश्रा ने शातिर लकडकटटो से सांठगांठ कर शीशम के तीनों सरकारी पेड़ों को अवैध से कटवा दिया। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब एक क्षेत्रीय पत्रकार मौके पर पहुंचा तथा शीशम के पेड़ों की जलौनी लकड़ी लेकर जा रहे एक ग्रामीण से मालुमात की, तो ग्रामीण ने बताया कि वन विभाग ने ही तीनों सरकारी पेड कटवायें है तथा उसे भी वन विभाग ने ही जलौनी लकड़ी दी है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद यह तो साफ हो गया, कि महाभ्रष्ट वन दरोगा अमित मिश्रा अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। इससे पूर्व भी वन दरोगा अमित मिश्रा जंगल के पेड कटवाने के मामले में फंस चुके हैं। लेकिन राजनीतिक पकड व धन बल के चलते वह अभी तक बचे हुए हैं।
केस नंबर तीन
तीसरा केस शारदानगर रेंज की उसिया वन चौकी क्षेत्र के बालकरामपुरवा गांव का है। जहां शातिर लकडकटटों ने सड़क किनारे लगे सेमल के सरकारी पेड़ों को वन विभाग की मिलीभगत से काट डाला। इस अवैध कटान की सूचना मिलने पर क्षेत्रीय लेखपाल ने अपने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। राजस्व विभाग के अफसरों के हस्तक्षेप के बाद वन विभाग को मजबूरन अवैध रूप से काटी गई लकड़ी को जब्त करना पडा।
केस नंबर चार
केस नंबर चार शारदानगर रेंज की देवकली वन चौकी क्षेत्र के सैदापुर सराय गांव का है, जहां देवकली वन चौकी क्षेत्र के महाभ्रष्ट फारेस्टर अमित मिश्रा व फारेस्ट गार्ड विकास सिंह ने शहर के लकडी आढ़ती सोनू जुनेजा से मोटी रकम वसूल कर देशी आम के करीब दो दर्जन से अधिक हरे भरे पेड़ों को कलमी दर्शा कर निकासी के कागजात तैयार करा दिये। इसके बाद महाभ्रष्ट फारेस्टर अमित मिश्रा से ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद लकडकटटो ने हरी भरी आम की बाग पर आरा चला दिया। इस अवैध कटान को लेकर शारदानगर रेंजर अभय कुमार मल्ल से शिकायत की गई तो उन्होंने अवैध रूप से काटी जा रही देशी आम की बाग को कलमी आम होने का दावा करते हुए रवन्ना बना होने की बात कह कर पल्ला झाड़ लिया।
यह चार केस तो सिर्फ बानगी भर है। शारदानगर रेंज की सभी वन चौकी क्षेत्र में प्रतिदिन सैकड़ों हरे भरे पेड़ों का बेरहमी से सफाया किया जाता है। यदा कदा किसी अवैध कटान में उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है। इसके अलावा तमाम शिकायतों के बावजूद शारदानगर रेंज के ईमानदार रेंजर अभय कुमार मल्ल कोई कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझते।



