रिपोर्ट-विद्यानन्द
देवरिया। जनपद के सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम मुराडीह में घायल विजय शंकर यादव के घर 8 सितंबर की रात्रि को पुरानी रंजीश को लेकर गांव के ही दर्जनों की संख्या में दबंगों ने पीड़ित के दरवाजे पर पहुंचकर तोड़फोड़ के साथ ईट पत्थर चलाते कैमरे में कैद हो गए । ईट की तड़तराहट इतना तेज था कि पीड़ित विजय शंकर यादव के घर वाले काफी डर व सहम गए थे और अंदर से दरवाजा बंद कर लिए । लेकिन दबंगों का हौसला इतना बुलंद था कि वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आए और मौके की तलाश देख पीड़ित विजय शंकर यादव के पत्नी, बुजुर्ग मां, और मासूम बेटे,की लाठी डंडों से बेरहमी से पिटाई कर घायल कर दिया। और विजय शंकर यादव के भाइयों के सर में गंभीर चौटे आई। और बीच-बीच बचाव में उधर के कुछ लोगों को मामूली चोटे आई। घायल विजय शंकर यादव के बुजुर्ग माँ,पत्नी और बेटे तीनों का हाथ फैक्चर हो गया। और पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए दोनों तरफ से सेम मुकदमा दर्ज कर लिया। और दरोगा ने 20 दिनों में केवल खाना पूर्ति करती रही। और जब दरोगा के खिलाफ शिकायत पीड़ित विजय शंकर यादव ने देवरिया कप्तान को किया तो दरोगा पूनम यादव को यह बात नागवार लग गई और आनन फानन में पिता पुत्र जो आज भी घायल अवस्था में थे उनको 151 में जेल भेज दिया गया। अब दरोगा साहिब ने अपनी कलम की ताकत तो दिखा दी लेकिन 20 दिनों से क्यों नहीं। यह प्रश्न चिन्ह खड़ा हो रहा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि दरोगा हमें रोज थाने पर बुलाती थी। और कहती थी कि मेडिकल रिपोर्ट नहीं है इसलिए में कुछ नहीं कर पाऊंगी। शायद दरोगा साहिबा को घायल का चोट नजर नहीं आया या चोट को नजरअंदाज किया गया। यह भी एक प्रश्न चिन्ह है। जबकि पीड़ितों का माने तो दरोगा किसी पुरानी रंजिश की बात सामने ला रही है। और इस घटना को उसी में परोस रही है। लेकिन जो गंभीर चोटे आई जिसमे तीन लोगों का हाथ फैक्चर हुआ है इसको नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
