समस्त उप अधिकारी तहसील स्तर पर लंबित विभिन्न धाराओं के वादों का यथाशीघ्र करें निस्तारण:- जिलाधिकारी
मुरली मनोहर पाण्डेय
मऊ। आज जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में कर करेत्तर राजस्व की वसूली तथा सीएम डैशबोर्ड पर आधारित राजस्व कार्यो की मासिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। कर करेत्तर राजस्व प्राप्तियो की समीक्षा के दौरान व्यापार कर में 63 प्रतिशत, स्टांप रजिस्ट्रेशन में 95.77 प्रतिशत, परिवहन कर में 74.03 प्रतिशत, आबकारी में 83.64 प्रतिशत खनन में 89.36 प्रतिशत, विद्युत देय में 94.42 प्रतिशत, भू-राजस्व में 13.71 प्रतिशत की वसूली पाई गई।
भू-राजस्व कर हेतु निर्धारित वसूली माह सितंबर से अक्टूबर तक निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत प्रतिशत भू-राजस्व की वसूली न होने पर नाराजगी जताते हुए लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष कम वसूली वाले विभागों को इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए, जिससे वित्तीय वर्ष हेतु निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। उन्होंने व्यापार कर में 63 प्रतिशत वसूली पर वसूली बढ़ाने हेतु आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाने को भी कहा जिससे राजस्व में अपेक्षित वृद्धि की जा सके। जिलाधिकारी ने संबंधित समस्त अधिकारियों को इसमें और प्रयास कर रैंकिंग में सुधार करने के निर्देश दिए। राजस्व वादों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान उन्होंने तहसील स्तर पर विभिन्न धाराओं में लंबित समस्त वादों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर करने को कहा। धारा 116 में 3 माह से ज्यादा के लंबित प्रकरणों के दृष्टिगत उन्होंने निस्तारण में तेजी लाने को कहा। राजस्व संहिता की धारा 34 में लंबित प्रकरणों की संख्या को देखते हुए जिलाधिकारी ने समस्त तहसीलदारों को जल्द से जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए। इसके अलावा आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र एवं निर्विवाद उत्तराधिकार की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों को अनावश्यक देरी करने वाले लेखपालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने को भी कहा।आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से शिकयतों का निस्तारण करने तथा शिकायतकर्ता से फीडबैक अवश्य लेने के निर्देश दिए तथा असंतोष जनक फीडबैक पाए जाने पर शिकायतकर्ता की संतुष्टि हेतु आवश्यक प्रयास करने को कहा। उन्होंने आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारण के निर्देश दिए। आॅडिट आपत्तियों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा के दौरान उन्होंने समय रहते समस्त आपत्तियों का निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। दस बड़े बकायदाओं से वसूली की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने आवश्यक होने पर बैंक खातों को सीज करने तथा नीलामी प्रक्रिया अपनाते हुए बकायदारो से वसूली सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक के दौरान मुख्य राजस्व अधिकारी लवकुश त्रिपाठी, उपायुक्त उद्योग राजेश रोमन, समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
