रिपोर्ट : प्रिंस प्रजापति
बलिया। उत्तर प्रदेश बलिया जनपद के नगरा विकासखंड में फर्जी नियुक्ति के मामले में पूर्व प्रधान के खिलाफ वारंट जारी कर दिया गया है रोजगार सेवक की नियुक्ति में हेरा फेरी करने के आरोप में पूर्व प्रधान पर वारंट जारी होने से ग्राम पंचायत खैरा निस्फी में हड़कंप मच गया है। क्षेत्र के ग्राम पंचायत खैरा निस्फी निवासी भूटेली उर्फ भूपेश यादव ने पुलिस अधीक्षक बलिया को शिकायती पत्र देकर यह आरोप लगाया था कि ग्राम पंचायत खैरा निस्फी के प्रधान सचिव और खंड विकास अधिकारी नगरा ने आपसी साजिश एवं मिली भगत करके फर्जी नियुक्ति की है जबकि असली हकदार नरेंद्र यादव थे। आपत्ति करता ने यह आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया था कि तत्कालीन प्रधान एवं सचिव द्वारा नरेंद्र यादव से घुस मांगा गया घुस न देने पर फर्जी तरीके से नियुक्ति रोजगार सेवक के रूप में हुई पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न होने पर भूटेली यादव ने कोर्ट में मुकदमा दाखिल कर दिया कोर्ट के आदेश पर रोजगार सेवक तत्कालीन प्रधान के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर ली गई। कोर्ट से मुकदमा पंजीकृत होने के बाद रोजगार सेवक ने उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश ले आया जिसके कारण रोजगार सेवक व पूर्व प्रधान जमानत नहीं कराए थे जबकि स्थगन आदेश सिर्फ रोजगार सेवक के लिए था किंतु थाने से मिली भगत करके पूर्व प्रधान ने आज तक जमानत भी नहीं कराया था कोर्ट ने संज्ञान में जब पूरा मामला आया है तो कोर्ट ने पूर्व प्रधान के खिलाफ वारंट जारी की है समाचार लिखे जाने तक अभी गिरफ्तारी नहीं हुई थी।