स्टांप कमी की धनराशि, नियमानुसार ब्याज एवं मात्र 100 के टोकन अर्थदंड की धनराशि जमा करने पर वाद हो जाएगा अंतिम रूप से निस्तारित
स्टांप वाद से संबंधित पक्षकार योजना का अवश्य लें लाभ:- जिलाधिकारी
रिपोर्ट-प्रिंस प्रजापति
मऊ। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने बताया कि स्टांप वादों के त्वरित निस्तारण के लिए, उसमें निहित स्टांप की कमी की धनराशि को शीघ्र प्राप्त करने तथा जन सामान्य को अधिक से अधिक सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से शासन द्वारा स्टंप कमी के वादों की एक समाधान योजना लागू की गई है। यह समाधान योजना 31 मार्च 2025 की अवधि तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान किसी भी पक्षकार द्वारा योजना के प्रभावी रहने के अंतिम तिथि से पूर्व पुष्टि की गई स्टांप की कमी की धनराशि नियमानुसार ब्याज एवं ?100 के टोकन अर्थ दंड की धनराशि जमा करने पर पक्षकार को इसका लाभ प्राप्त होगा। समाधान योजना के अंतर्गत न्यायालय/माननीय सीसीआरए के पीठासीन अधिकारी को पक्षकार द्वारा प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए जाने के 1 माह के अंतर्गत वाद का अंतिम रूप से निस्तारण करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने बताया कि समाधान योजना के लागू होने के पूर्व तक आयोजित किसी भी स्टांप वाद/ स्टांप अपील एवं स्टांप निगरानी वाद में यदि पक्षकार संदर्भित आख्या में इंगित स्टांप कमी की धनराशि को नियमानुसार देय ब्याज के साथ अदा करने का इच्छुक है तो पक्षकार द्वारा संबंधित न्यायालय/माननीय सी सी आर ए में पीठासीन अधिकारी के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करना होगा। संबंधित न्यायालय/ माननीय सी सी आर ए के पीठासीन अधिकारी ऐसे प्रार्थना पत्र के प्राप्त होते ही संबंधित स्टांप वाद/ स्टांप अपील एवं स्टांप निगरानी में एक सप्ताह के अंदर तिथि नियत करते हुए इस अवधि में संदर्भित आख्या में इंगित स्टांप कमी की धनराशि की पुष्टि हेतु आवश्यक कार्रवाई करेंगे। उसके उपरांत संबंधित न्यायालय उक्त नियत तिथि को पक्षकार को पुष्टि की गई स्टाम्प की कमी की धनराशि तथा ब्याज एवं ?100 के टोकन अर्थ दंड की धनराशि को नियमानुसार एक सप्ताह में कोषागार के मद संख्या 0030, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन में जमा करने हेतु अवगत कराएंगे। उक्त समाधान योजना के अंतर्गत विनिश्चित की गई धनराशि जमा कराए जाने की रसीद के साथ प्रार्थना पत्र प्राप्त होने पर कोषागार से जमा धनराशि की पुष्टि न्यायालय/माननीय सी सी आर ए एक कर्मचारी द्वारा एक सप्ताह के अंदर तिथि नियत करके पत्रावली पर आख्या प्रस्तुत की जाएगी। तत्पश्चात न्यायालय/ माननीय सी सी आर ए के पीठासीन अधिकारी स्टांप कमी एवं ब्याज धनराशि मय अर्थ दंड के कोषागार में जमा कराए जाने की पुष्टि के प्रमाण स्वरूप प्राप्त रसीद के दृष्टिगत वाद को ?100 के टोकन अर्थदंड के साथ निस्तारित कर देंगे। जिलाधिकारी जनपद के समस्त ऐसे पक्षकारों से, जिनका विभिन्न न्यायालयो में स्टांप वाद से संबंधित मामला विचाराधीन है,उनसे अपील की है कि सरकार की स्टांप कमी के वादों की समाधान योजना का अवश्य लाभ ले तथा मुकदमे बाजी से बचते हुए अपने वादों का निस्तारण करा लें।