रिपोर्ट: प्रिंस प्रजापति
देवरिया। उत्तर प्रदेश देवरिया में अप्रैल 2021 में हुए प्राणघातक हमले की जांच में लापरवाही बरतने वाले गोरखपुर में तैनात उपनिरीक्षक श्रीप्रकाश की मुश्किलें बढ़ गई हैं। देवरिया की अदालत ने उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है। साथ ही अग्रिम आदेश तक उनका वेतन भी रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं।
भलुअनी थाना क्षेत्र के सोनाड़ी गांव के यशवंत सिंह पर जानलेवा हमला हुआ था। उनके भाई धर्मेंद्र सिंह की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले की जांच कर रहे विवेचक श्रीप्रकाश पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे। उन्होंने न तो घटनास्थल का नक्शा तैयार किया और न ही पीड़ित की मूल मेडिकल रिपोर्ट कोर्ट में जमा की।
कोर्ट ने कई बार दिए आदेश, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई अदालत ने जांच में गड़बड़ी को लेकर विवेचक को स्पष्टीकरण देने के लिए तलब किया, लेकिन वह पेश नहीं हुए। इसके बाद न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) देवरिया को कार्रवाई करने का निर्देश दिया, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। मामला आगे बढ़ा तो पुलिस महानिदेशक (DGP) लखनऊ को भी आदेश जारी किया गया, लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अब अपर सत्र न्यायाधीश संजय कुमार सिंह ने गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और देवरिया के SP को पत्र भेजकर SI श्रीप्रकाश की तत्काल गिरफ्तारी का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह भी पूछा है कि क्यों न न्यायालय की अवहेलना करने पर उनके खिलाफ मामला दर्ज कर दंडित किया जाए?

