अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनाती के दौरान हृदयगति रुकने से निधन
राजकीय सम्मान के साथ सरयू तट पर अंतिम संस्कार
मुरली मनोहर पांडेय
बलिया। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ जवान विनोद कुमार राय (48) का हृदयगति रुकने से निधन हो गया। गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव बलिया के सीसोटार पहुंचा, जहां हजारों ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। विनोद 11 अप्रैल 2001 को सीआरपीएफ की 128वीं बटालियन में भर्ती हुए थे और बीते कुछ वर्षों से असम के कामाख्या क्षेत्र में तैनात थे। मात्र पांच दिन पहले ही वे श्रीनगर पहुंचे थे, जहां ड्यूटी के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। सेना के अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
विनोद कुमार राय का पार्थिव शरीर श्रीनगर से दिल्ली और लखनऊ होते हुए सड़क मार्ग से सीसोटार लाया गया। सीआरपीएफ की 95वीं बटालियन, पहड़िया मंडी वाराणसी और लखनऊ से आए इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में 18 सदस्यीय दल ने औपचारिकताएं पूरी कीं। तिरंगे में लिपटे शहीद के पार्थिव शरीर को सलामी दी गई। उनकी पत्नी रंजना राय, पुत्री अनन्या राय और पुत्र अमृत राय ने पुष्प अर्पित किए। "अमर रहे विनोद राय" के नारों के बीच सरयू नदी के तट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद उनके पुत्र अमृत ने मुखाग्नि दी। शहीद के निधन से परिवार और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
