रिपोर्ट : रामदुलारी पटेल
बाराबंकी। कलेक्ट्रेट स्थित लोक सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन, जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता अमित कुमार, सिंचाई विभाग के अधिकारीगण तथा विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान जल जीवन मिशन जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम के क्रियान्वयन में हो रही लापरवाही पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन गांवों में पाइपलाइन बिछाने के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां मरम्मत का कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्यों की स्थलीय निगरानी अनिवार्य रूप से की जाए तथा निर्माण एजेंसियां कार्य पूर्ण होने की लिखित सूचना प्रस्तुत करें।
डीएम ने जल जीवन मिशन से संबंधित IGRS और अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में हो रही देरी पर भी असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कई निर्माण एजेंसियों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की और निर्देश दिया कि कार्यों में अनावश्यक देरी करने वाली एजेंसियों को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने विशेष रूप से पानी की टंकियों के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि घटिया सामग्री का प्रयोग अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके लिए नियमित निरीक्षण कर निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
डीएम त्रिपाठी ने ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति की असंतोषजनक स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलापूर्ति को सुचारु और नियमित बनाने हेतु प्रभावी रणनीति बनाकर तुरंत क्रियान्वयन प्रारंभ किया जाए।
अंत में जिलाधिकारी ने यह स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल कनेक्शन, पाइपलाइन बिछाने, वितरण प्रणाली, पानी की टंकी निर्माण और सड़क मरम्मत जैसे सभी कार्य समयबद्ध, पारदर्शी और मानक अनुरूप पूरे किए जाएं, ताकि ग्रामीण जनता को इस महत्वाकांक्षी योजना का वास्तविक लाभ शीघ्र मिल सके।
