रिपोर्ट : विद्यानंद
देवरिया। देवरिया बस स्टैंड की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। यात्रियों को रोजाना भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बस स्टैंड की पुरानी इमारत को तोड़कर हटा दिया गया, लेकिन नया निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। नतीजतन, बस स्टैंड पर न तो छाया है और न ही बारिश से बचाव की व्यवस्था। गर्मी में तपती धूप और बरसात में कीचड़ से भरा परिसर यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि 2024 में विधानसभा चुनाव से पहले परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बस स्टैंड के सौंदर्यीकरण के लिए भूमि पूजन किया था। इस दौरान लोगों में उम्मीद जगी थी कि बस स्टैंड को भव्य और सुविधाजनक बनाया जाएगा। लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी कोई प्रगति नहीं हुई। पुरानी संरचनाओं को तोड़कर हटा दिया गया, जिससे स्थिति और खराब हो गई।
वर्तमान में बस स्टैंड पर गंदगी का अंबार लगा है। बरसात में कीचड़ के कारण यात्री फिसलकर गिर रहे हैं। समाज के कुछ लोगों ने सहयोग कर तीन शेड लगवाए हैं, लेकिन यह सुविधा नाकाम साबित हो रही है। यात्रियों को धूप में खड़े होकर या बारिश में भीगकर बस का इंतजार करना पड़ता है।
जब पत्रकारों ने इस मुद्दे पर प्रदेश के परिवहन मंत्री और देवरिया के प्रभारी मंत्री दयाशंकर सिंह से सवाल किया, तो उनका जवाब था कि "जल्द ही काम शुरू होगा और एक शानदार बस डिपो बनेगा।" हालांकि, जनता अब वादों से तंग आ चुकी है और जमीन पर हकीकत चाहती है।
स्थानीय निवासियों और यात्रियों का कहना है कि सरकार सिर्फ प्रस्तावित बजट और जल्द शुरू होने की बातों में उलझी हुई है। अब सवाल यह है कि देवरिया बस स्टैंड का नवीनीकरण कब होगा और यात्रियों को इन कठिनाइयों से कब मुक्ति मिलेगी?
