रिपोर्ट: रंजना तिवारी
सलेमपुर, देवरिया। दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश से आकर सलेमपुर जैसे पिछड़े क्षेत्र में नाट्यमंच और भोजपुरी संस्कृति व सभ्यता के विकास के लिए समर्पित रहे वाई शंकर मूर्ति के असमय निधन पर कांग्रेस कार्यालय में शोक सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस के निवर्तमान महासचिव डॉ. धर्मेंद्र पांडेय ने कहा कि वाई शंकर मूर्ति का जाना भोजपुरी समाज और संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने भोजपुरी कला को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य किया और तमाम चुनौतियों के बावजूद अपने मिशन पर अडिग रहे। उनकी कमी हमेशा खलेगी।
शोक सभा में नेता विधानसभा भागीरथी प्रसाद, मार्कण्डेय मिश्र, प्रेमलाल भारती, बदरे आलम, गोविंद मिश्र, रामविलास तिवारी, सत्यम पांडेय, वशिष्ठ मोदनवाल, मनीष रजक, वजीर अहमद, अभिनीत उपाध्याय, चंद्रमोहन पांडेय, लालसाहब यादव, चुन्नू श्रीवास्तव, परमानंद प्रसाद, राहुल मिश्र, रोहित यादव, गंगासागर मिश्र, आजाद अहमद, डॉ. इम्तियाज, देवेंद्र नाथ, रणजीत सिंह, प्रेमचंद बारी, डॉ. याहिया अंजुम, उदय नारायण तिवारी, राजेंद्र तिवारी, अवधेश पांडेय, संतोष सिंह, मोहन प्रसाद, अगस्त दूबे, गोरखनाथ मिश्र, प्रह्लाद मिश्र, अखिलेश मिश्र सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए और वाई शंकर मूर्ति के योगदान को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
