रिपोर्ट : प्रिंस प्रजापति
बलिया। जिले में गंगा नदी का कटान तेजी से जारी है। बैरिया तहसील के चक्की नौरंगा में शुक्रवार रात से शनिवार तक 24 पक्के मकान गंगा में समा गए। कटान इतना तेज था कि लोग अपना सामान भी नहीं बचा पाए।
इस गांव में अब तक कुल 57 मकान गंगा की भेंट चढ़ चुके हैं। पहली बार आई बाढ़ में 17 मकान बह गए थे। पिछले तीन दिनों में 37 मकान नदी में समा गए हैं। गांव में कटान को लेकर दहशत का माहौल है।
बैरिया के उप जिलाधिकारी आलोक प्रताप सिंह ने मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि कटान अभी भी जारी है। बाढ़ पीड़ितों को बांध पर शरण दी गई है। उनके लिए भोजन और रात में जनरेटर की व्यवस्था की गई है। राहत और बचाव कार्य के लिए 16 नावें लगाई गई हैं।
भाजपा के राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने चक्की नौरंगा का दौरा किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार पीड़ितों के साथ है। 22 लोगों को मुआवजे का ऑनलाइन भुगतान कर दिया गया है। सरकार सभी प्रभावित लोगों को आवासीय पट्टा भी उपलब्ध कराएगी।
प्रभावित लोगों में उषा देवी, छोटेलाल राम, राजमोहन, अमरेश राम, लल्लन राम, त्रिलोकी राम, पंकज कुमार, मीरा देवी, बल्लू राम, राम जी राम, कामेश्वर राम, कन्हैया राम और प्रेम कुमार राम सहित 24 परिवार शामिल हैं।




