रिपोर्ट : प्रिंस प्रजापति
मऊ। डीसीएसके पीजी कॉलेज, मऊ के शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा आज हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभाग की ओर से विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. हरिलाल रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. शर्वेश पांडेय ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि “खेल केवल शारीरिक मजबूती ही नहीं प्रदान करता, बल्कि यह जीवन में अनुशासन, संघर्षशीलता और टीम भावना विकसित करने का माध्यम है। मेजर ध्यानचंद जी की खेल साधना हर छात्र-छात्रा के लिए प्रेरणादायक है।
आयोजित प्रतियोगिताएं मेडिसिन बॉल थ्रो में प्रथम इंदू गोड द्वितीय नेहा सैनी तृतीय प्रेम ज्योति पुरुष वर्ग में प्रथम करम इलाही द्वितीय संदीप यादव तृतीय ऋतिक कुमार रस्सी कूद में प्रथम बबली चौहान द्वितीय आंचल वर्मा तृतीय तनिष्क पुरुष वर्ग में प्रथम सर्वेश चौबे द्वितीय शिवा राजभर तृतीय प्रिंस कुमार सिंह फ्रॉग जंप में प्रथम स्थान रेनू यादव द्वितीय नेहा सैनी तृतीय इंदु पुरुष वर्ग में प्रथम सर्वेश चौबे द्वितीय शिव राजभर तृतीय नितिन विश्वकर्मा ब्रॉड जंप महिला वर्ग प्रथम स्थान सलोनी सिंह द्वितीय बबली चौहान तृतीय रेनू यादव पुरुष वर्ग प्रथम पवन यादव द्वितीय कनिष्क चौहान तृतीय करम इलाही छात्रों ने इस तरह स्थान प्राप्त किया और इनको प्राचार्य जी द्वारा सम्मानित किया गया एवं पुरस्कार प्रदान किया गया
इस अवसर पर महाविद्यालय के मुख्य अनुशासनाधिकारी डॉ. सी.पी. राय ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “खेल जीवन का अभिन्न हिस्सा है। यदि विद्यार्थी खेल को अपनी दिनचर्या में शामिल करें तो न केवल उनका शरीर स्वस्थ रहेगा, बल्कि मानसिक एकाग्रता और आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। मेजर ध्यानचंद जी ने पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया, हमें उनके आदर्शों को आत्मसात करना चाहिए।”
राष्ट्रीय खेल दिवस के इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार का उत्साह देखने लायक था। आयोजन में विशेष रूप से सिधारी यादव, बृजेश यादव, कलाम जी, इश्तियाक अहमद एवं धीरज जी आदि अध्यापकगण उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राष्ट्रीय खेल दिवस का यह आयोजन महाविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण रहा, जिसमें न केवल छात्रों की खेल प्रतिभा सामने आई, बल्कि खेल भावना, अनुशासन और राष्ट्रीय गौरव की भावना भी मजबूत हुई। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।




