रिपोर्ट : प्रिंस प्रजापति
मऊ के मधुबन थाना क्षेत्र में एक बड़ी जीएसटी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। अहिरौली गांव के निवासी अशोक ने नत्थूपुर के अंकुर मल्ल पर फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराने का आरोप लगाया है।
अशोक के अनुसार, अंकुर मल्ल ने खुद को वकील बताकर उनके नाम से जीएसटी रजिस्ट्रेशन करा लिया। अंकुर ने रजिस्ट्रेशन में अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज की। इससे सभी ओटीपी और सूचनाएं सीधे उसी के पास जाती रहीं।
राज्य कर कार्यालय मऊ के अधिकारी आशीष कुमार वर्मा ने अशोक को 45 लाख रुपये से अधिक के टैक्स बकाया की जानकारी दी। जब अशोक ने अंकुर से संपर्क किया, तो उसने न तो स्पष्ट जवाब दिया और न ही यूजर आईडी-पासवर्ड वापस किया।
जांच में पता चला कि 27 मार्च को फर्म को समाधान से बाहर कर रेगुलर डीलर बना दिया गया। मार्च में 45.89 लाख रुपये का टैक्स और अप्रैल में 5.96 करोड़ रुपये की कर योग्य बिक्री दिखाई गई। वास्तव में अशोक सिर्फ मोटरसाइकिल की मरम्मत का काम करते हैं।
थाना प्रभारी राजीव सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।



