रिपोर्ट : प्रिंस प्रजापति
परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही और मनमानी वसूली का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। विरोध जताने पर अस्पताल के बाउंसरों ने परिजनों के साथ कथित तौर पर अभद्रता की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।सिंधी मिल निवासी बिट्टू सिंह, जो लुधियाना में कार्यरत हैं, ने बताया कि उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी को प्रसव पीड़ा होने पर 1 अक्टूबर को भटवालिया के नित्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां सामान्य प्रसव हुआ, लेकिन नवजात की तबीयत बिगड़ने पर उसे रेफर कर दिया गया। परिजन बच्चे को लेकर न्यू कॉलोनी स्थित एक निजी क्लिनिक पहुंचे, जहाँ डॉक्टर ने इलाज से इनकार कर दिया। इसके बाद वे तेजस अस्पताल पहुंचे।तेजस अस्पताल में डॉक्टर गौरव सिंह ने बच्चे को बचाने का आश्वासन दिया और तत्काल डेढ़ लाख रुपए जमा करने को कहा। परिजनों ने अपने गहने बेचकर अस्पताल में लगभग साढ़े तीन लाख रुपए जमा किए। हालांकि, बच्चे की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और शुक्रवार रात उसकी मौत हो गई।
नवजात की मौत की खबर मिलते ही परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही और जबरन पैसे वसूलने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान अस्पताल प्रशासन ने स्थिति को संभालने के बजाय बाउंसरों को बुलाया, जिन्होंने परिजनों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया।
चौंकाने वाली बात यह है कि देवरिया के कुछ चर्चित नर्सिंग होमों में अब बाउंसर तैनात किए जा रहे हैं। कभी मरीजों के लिए भगवान माने जाने वाले डॉक्टर के नर्सिंग होम में बाउंसरों की मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वही इस मामले में तमाम राजनीतिक दलों के नेता भी फोन कर रहे हैं प्रशासन को चाहिए कि ऐसे अस्पतालों और नर्सिंग होमों की कार्यप्रणाली पर गंभीरता से संज्ञान ले और उचित कार्रवाई करे।सूचना पर सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
