रिपोर्ट : बीके सिंह
लखीमपुर खीरी। जनपद के मितौली थाना क्षेत्र अंतर्गत सिद्धपुर गांव में ठेकेदारों द्वारा एक प्राचीन नीम के पेड़ को काटे जाने का मामला तूल पकड़ रहा है। ठेकेदार ने दावा किया है कि पेड़ काटने के लिए थाना मितौली और वन विभाग दोनों से अनुमति ली गई थी, लेकिन पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों के बयानों से विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है, क्योंकि यह पेड़ गांव के बीचों-बीच स्थित था और वर्षों पुराना था।
ठेकेदार जाफर ने बताया कि पेड़ काटने की प्रक्रिया पूरी तरह वैध थी और दोनों विभागों से आवश्यक परमिशन प्राप्त की गई थी। हालांकि, मितौली थाना प्रभारी रविंद्र सोनकर ने साफ तौर पर इंकार किया है। उन्होंने कहा, "बिना परमिट के हमारे क्षेत्र में कोई पेड़ नहीं काट सकता, और न ही ऐसी कोई अनुमति दी गई है।"
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पेड़ काटने की डीलिंग थाने में तैनात सिपाही ऋषभ और चमन के माध्यम से हुई बताई जा रही है, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह नीम का पेड़ गांव की शीतल छांव और पर्यावरण का अहम हिस्सा था। इसे काटे जाने से स्थानीय लोग बेहद नाराज हैं और प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
