रिपोर्ट: बीके सिंह
लखीमपुर खीरी। लखीमपुर खीरी के विकासखंड ईसानगर में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। शासन की कल्याणकारी योजनाओं के तहत हो रहे विकास कार्यों पर भ्रष्टाचारियों ने डाका डाल रखा है। ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम प्रधान मिलकर भ्रष्टाचारी खेल खेल रहे हैं, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है।
ताजा मामला ईसानगर ब्लॉक के राजापुर दुलही बाजार से स्वास्थ्य उपकेंद्र तक इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण का है। डेली न्यूज़ संवाददाता ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का जायजा लिया तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। यहां दाल में नमक नहीं, बल्कि नमक में दाल का खेल चल रहा था। थर्ड क्लास की पीली ईंटों के टुकड़े जहां-तहां बिखरे पड़े थे, जिनका प्रयोग सड़क और साइड बनाने में किया गया।
साइड निर्माण में मसाले (सीमेंट-बालू मिश्रण) में जमकर गड़बड़ी की गई है। ईंटें इतनी ढीली लगाई गई हैं कि एक छोटा बच्चा भी आसानी से उन्हें उखाड़ सकता है, जो भ्रष्टाचार की पोल खोल रही है। बिखरे पीली ईंटों के खंडों को छिपाने के लिए ठेकेदार और अधिकारियों की भागदौड़ मची हुई है, ताकि बालू डालकर उन्हें जल्दी ढक दिया जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में लगने वाली इंटरलॉकिंग सड़कों में कुल बजट का 30 फीसदी भी खर्च नहीं किया जाता। राजापुर दुलही बाजार में बन रही इस सड़क को देखकर सहज अनुमान लगाया जा सकता है कि सरकारी योजनाओं का पैसा भ्रष्टाचारियों की जेब में जा रहा है।वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम प्रधान की मिलीभगत से घटिया सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है। क्या जिम्मेदार अधिकारी इस पर कार्रवाई करेंगे या भ्रष्टाचार यूँ ही फलता-फूलता रहेगा? डेली न्यूज़ इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है और जल्द ही अपडेट लाएगा।
