रिपोर्ट : प्रिंस प्रजापति
बिल्थरा रोड (बलिया)। क्षेत्र के गोविंदपुर दुगौली ग्राम सभा में लाखों रुपये की लागत से बना मनरेगा अन्नपूर्णा भवन आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत राशन कार्ड धारकों को एक ही स्थान से खाद्यान वितरण की सुविधा देने के लिए बनाया गया यह भवन अब ग्रामीणों द्वारा धान के बोझ रखने के लिए खलिहान में तब्दील हो चुका है।
योजना के तहत कोटेदार को इस भवन में खाद्यान रखकर राशन कार्ड धारकों को सुगमता से राशन वितरित करना था, लेकिन ग्राम प्रतिनिधियों और संबंधित कोटेदार की उदासीनता व उपेक्षापूर्ण रवैये के कारण भवन का उद्देश्य ही पूरी तरह विफल हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि भवन में ताला तक नहीं लगा है और इसमें धान की रखवाली के लिए लोग रात-दिन ड्यूटी करते हैं। लाखों रुपये की सरकारी धनराशि खर्च करने के बावजूद भवन का इस तरह दुरुपयोग हो रहा है, जबकि राशन वितरण अभी भी पुराने तरीके से कोटेदार के घर या खुले में हो रहा है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। यदि समय रहते इस पर संज्ञान नहीं लिया गया तो सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुँच पाएगा और सरकारी धन का दुरुपयोग होता रहेगा।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खाद्य विभाग से मांग की है कि अन्नपूर्णा भवन को तत्काल इसके मूल उद्देश्य के लिए उपयोग में लाया जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

