मुरली मनोहर पांडेय
मऊ। अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत आज जिलाधिकारी ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने फार्म 6 एवं फॉर्म 7 को लेकर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देशों एवं विभिन्न नियमों से उपस्थित प्रतिनिधियों को अवगत कराया। फार्म 6 के संबंध में चर्चा करते हुए उन्होंने समस्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अधिक से अधिक पात्र नए मतदाताओं एवं महिला मतदाताओं का नाम जुड़वाने की अपील की। फॉर्म 7 के संबंध में आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देशों से के विभिन्न नियमों से अवगत कराते हुए उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति आपत्ति करता है उसे अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर तथा एपिक नंबर डालना होगा। किसी मतदाता का नाम कटवाने के कारणों का भी उल्लेख करना होगा। जैसे की अब्सेंट,शिफ्टेड, अंडर एज,मृत्यु आदि।इसके अलावा उसे इस संबंध में प्रमाण भी देना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि फॉर्म 7 भरते समय आपत्ति कर्ता को एक घोषणा भी पत्र भी भरना होता है ,जिससे सारी जिम्मेदारी आपत्ति कर्ता की बनती है। अगर घोषणा पत्र झूठा पाया जाता है तो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के धारा 31 के तहत झूठ घोषणा पत्र के कारण आपत्ति कर्ता को एक साल की सजा अथवा जुर्माना अथवा दोनों हो सकता है।इस दौरान विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत आने वाली समस्याओं से भी प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया। वर्तमान में नो मैपिंग वाले मतदाता सहित मिसमैच मतदाताओं को नोटिस भेजने एवं उस पर सुनवाई का कार्य चल रहा है। जिलाधिकारी ने समस्त राजनीतिक दलों से अपील किया कि नोटिस वाले मतदाताओं को साक्ष्यों सहित निर्धारित तिथि में ही ए ई आर ओ के समक्ष उपस्थित कराकर निस्तारण कराने में सहयोग करें।दोबारा नोटिस का इंतजार ना करें जिससे आगे कार्य में और कठिनाई होगी। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सभी पात्र मतदाताओं का नाम जुड़वाने में सहयोग करने की भी अपील की। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
