रिपोर्ट : प्रिंस प्रजापति
बलिया। उत्तर प्रदेश बलिया जनपद के नगरा विकासखंड में अवैध तरीके से संचालित तीन अस्पताल शील कर दिए गए बिना पंजीकरण चल रहे दो अस्पताल और एक एक्स-रे रूम पर कार्यवाही हुई है ना रजिस्ट्रेशन ना डॉक्टर धड़ले से चलता है नगरा में हॉस्पिटल भगवान के बाद अगर कोई दूसरा भगवान इस धरती पर है तो वह डॉक्टर है लोग डॉक्टर को भगवान मानते हैं और डॉक्टर भगवान हो भी क्यों नहीं डॉक्टर अपने कड़े मेहनत से लोगों की जिंदगी बचाने का काम करते है जिंदगी और मौत से जूझते हुए लोगों को जिंदगी देने का काम करते है लेकिन स्वास्थ्य विभाग का पोल तो तब खुला जब बलिया जनपद के अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी पद्यावती गौतम के नेतृत्व में नगरा बाजार में दर्जन भर संचालित अस्पतालों पर छापामारी किया गया तो पता चला कि बिना रजिस्ट्रेशन के अस्पताल वह फर्जी चिकित्सकों के नगरा बाजार भरा पड़ा हुआ है जिसमें बिना रजिस्ट्रेशन के अस्पताल वह फर्जी डॉक्टरो के खिलाफ छापेमारी कर पांच अस्पतालों पर कार्रवाई करते हुए तीन को शिल कर दिया गया। शनिवार को अपर चिकित्सा अधिकारी व नोडल अधिकारी जोगेंद्र दास के नेतृत्व में फोर्स सन्ग नगरा में संचालित अस्पतालों की जांच हुई जिसमें नहर मार्ग पर संचालित बिंदु अस्पताल नैना हॉस्पिटल वह राजू सेवा सदन के एक्स-रे प्लास्टर रूम को सीज किया गया, वहीं शिवम हॉस्पिटल भीट कुना मोड नगरा आयुष मेडिकल एंड क्लीनिक पर चिकित्सक नहीं मिलने पर नोटिस देते हुए मरीजों को सरकारी अस्पताल भेज दिया गया राजू सेवा सदन पर डॉक्टर की डिग्री आयुर्वेद की पाई गई जबकि वह हड्डी रोग विशेषज्ञ का बोर्ड लगाकर विधिवत प्लास्टर व ऑपरेशन कर स्टील रॉड भी डालने का कार्य करते हैं।
नगरा में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा छापा पढ़ते ही भर्ती किए मरीजों को छोड़ डॉक्टर फरार हो गए। आयुष मेडिकल अस्पताल के मकान के बेसमेंट में प्रसव करा कर महिलाओं को भर्ती किया गया था, यहां पर मौजूद कर्मियों को मरीजों को सदर अस्पताल शिफ्ट करने का निर्देश दिया वही एक हड्डी अस्पताल पर बग़ैर रजिस्ट्रेशन के चल रहे एक-रे मशीन सीज कर दिया गया। सिकंदरपुर मार्ग के शिवम अस्पताल व आयुष मेडिकल एंड क्लिनिक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। आयुर्वेद की डिग्री पर चिकित्सक कर रहे थे हड्डी रोग का इलाज छापेमारी पर हो गए। फरार मरीजों को सरकारी अस्पताल भेजा गया। नगरा में कुछ ऐसे भी अस्पताल हैं, जो रजिस्टर्ड तो हैं लेकिन पर्ची पर लिखी चिकित्सको की डिग्री फर्जी निकली वहां मौजूद महिला चिकित्सक की डिग्री भी फर्जी निकली इस अस्पताल को भी जवाब देने के लिए नोटिस दिया नोडल अधिकारी डॉक्टर योगेंद्र दास प्रशासनिक अधिकारी योगेंद्र आज टीम में थे।
क्या इन हॉस्पिटलों पर कार्यवाही होगी या पूर्व की बात इन हॉस्पिटलों को भी खोल दिया जाएगा आने वाला समय ही बताया पिछले दो महीने से लगातार जनपद में छापेमारी हो रही है लेकिन अब तक किसी भी अस्पताल पर क्या कार्यवाही हुई है यह मामला प्रकाश में नहीं आया है क्या इन मामलों में भी लीपापोती होगी या इन हॉस्पिटलों पर कार्यवाही की जाएगी।
