मुरली मनोहर पांडेय
सिद्धार्थनगर। यह कार्रवाई डीआईजी जेल ने की,जिला जज और डीएम के निरीक्षण में सिद्धार्थनगर जिला कारागार के डिप्टी जेलर पर गांजा बिकवाने के साथ साथ मोबाईल फ़ोन दिलवाने का आरोप लगा था। सिद्धार्थनगर जिला कारागार में हाल ही में हुए औचक निरीक्षण के दौरान गांजा और मोबाइल फोन बरामद होने के गंभीर मामले पर कार्रवाई करते हुए जेल प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इस घटना के बाद डीआईजी जेल एस.के. मैत्रेय ने डिप्टी जेलर त्रिलोकी नाथ,हेड वार्डन फूलचंद यादव,वार्डन उमेश कुमार और एक अन्य जेल कर्मी सौरभ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जेल अधीक्षक सचिन वर्मा ने इस निलंबन की पुष्टि की है और बताया कि यह कार्रवाई सत्यता समाने आने के बाद की गई हैं। आप को बता दें की यह घटना 25 सितंबर 2024 को तब सामने आई जब जिलाधिकारी डॉ.राजा गणपति और जिला जज,पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक बंदी,जो पाक्सो एक्ट के तहत जेल में बंद था,उसने जिलाधिकारी से मिलने की गुहार लगाई और जोर-जोर से आवाज लगाने लगा, जिलाधिकारी का ध्यान उसकी ओर गया और उन्होंने उसे बुलाया,बंदी ने आरोप लगाया कि जेल के अंदर गांजा बेचा जा रहा है,इसके अलावा,उसने अपने पास छिपाए गए 20 ग्राम गांजा को भी जिलाधिकारी को दिखाया,उसने जेल के अंदर एक स्थान की भी जानकारी दी जहां और अधिक गांजा छिपाया गया था।
