बंटवारे के मामले का निस्तारण करने को लेकर ₹50000 की रिश्वत मांगने, जान से मारने की धमकी का आरोप
18 अगस्त 2024 को तहसीलदार ने भेजा था बेटी का बार कोड
रिपोर्ट : प्रिंस प्रजापति
आजमगढ़। जिले में तहसीलदार सहित 9 के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। यहां की मार्टिनगंज तहसील में तैनात तहसीलदार राजू कुमार पर बंटवारे के मामले का निस्तारण करने को लेकर ₹50000 की रिश्वत मांगने, अपने गुर्गे भेजकर पीड़ित को जान से मारने का प्रयास करने का आरोप लगे हे। यही नहीं तहसीलदार ने पीड़ित को स्कैनर भेजकर अपनी बेटी और बेटे के खाते में पैसे भी ट्रांसफर कराएं हैं। पीड़ित ओम प्रकाश यादव ने 18 फरवरी को जब इसकी शिकायत आजमगढ़ मंडल के कमिश्नर से की तो वापस आते समय कमिश्नर कार्यालय के बाहर ही 6 से ज्यादा लोगों ने पीड़ित के साथ जमकर मारपीट कर दी। जिसके बाद इस मामले में पीड़ित ओम प्रकाश यादव ने सिधारी थाने में तहसीलदार राजू कुमार, दिनेश यादव, प्रमोद यादव, पंकज यादव, प्रवीण यादव, चंचल यादव, अनिल यादव उर्फ पप्पू यादव, दीपक यादव उर्फ कोको और अप्पू यादव के ड्राइवर सहित नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। जानिए पूरा मामला
पीड़ित ओम प्रकाश यादव ने बताया कि वर्ष 2014 में बंटवारे के लिए दावा दाखिल किया गया था, इसके बाद इस मामले में फाइनल डिग्री 2023 में हो गई थी। डिग्री हो जाने के बाद पीड़ित कब्जे को लेकर तहसीलदार, एसडीएम, डीएम, कमिश्नर और DIG से न्याय की गुहार लगाता रहा। इस बारे में पीड़ित ने बताया कि 10 जुलाई 2024 को तत्कालीन एसडीएम को कब्जा दिलवाने को लेकर पत्र दिया था। इसके बाद मार्टिनगंज के तहसीलदार राजू कुमार द्वारा टीम मौके पर भेजी गई थी। अंधेरा होने के कारण उस दिन टीम चली गई और अगले दिन से परेशान करना शुरू कर दिया। पीड़ित का कहना है कि मामले को लेकर कई बार थाना दिवस संपूर्ण समाधान दिवस पर शिकायत की गई पर समस्या का समाधान नहीं हुआ।
इस बारे में पीड़ित ओम प्रकाश यादव ने बताया कि 18 अगस्त 2024 को इस समस्या का समाधान करने के लिए तहसीलदार राजू कुमार ने ₹50000 की डिमांड की। इतना पैसा देने में असमर्थता जताने पर तहसीलदार ने अपनी बेटी का बारकोड भेजा। इसके बाद 18 अगस्त को तहसीलदार की बेटी के अकाउंट में ₹15000 जमा भी कराए गए। कई बार एप्लीकेशन देने के बाद भी जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इस मामले की शिकायत डीआईजी और कमिश्नर से की गई। कमिश्नर के निर्देश पर 17 जनवरी 2025 को एसडीएम ने तहसीलदार को निर्देश दिया। ऐसे में आरोपी तहसीलदार ने 21 जनवरी 2025 को अपनेबेटे का बारकोड भेजा और ₹20000 की मांग की। तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि 26 जनवरी के बाद समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। जब पीड़ित ने पैसा ट्रांसफर नहीं किए गए तो तहसीलदार नाराज हो गया। इसके साथ ही जो कमिश्नर की तरफ से जांच रिपोर्ट आई थी उसे निस्तारित कर दिया गया। इस मामले में पीड़ित ओम प्रकाश यादव ने 4 फरवरी 2025 को कमिश्नर विवेक के कैंप कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार के भ्रष्टाचार की पूरी कहानी बताई। इसके साथ ही पैसे के ट्रांजैक्शन का डिटेल भी कमिश्नर को दे दिए। इसके बाद कमिश्नर ने जिले के मजिस्ट्रेट सुनील कुमार धनवंता को बुलाकर इस पूरे मामले की जांच करके एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
पीड़ित ओम प्रकाश ने पैसे भेजने का स्क्रीनशॉट भी दैनिक भास्कर को शेयर किया है। इस पैसे का ट्रांजैक्शन 18 अगस्त 2024 को तहसीलदार की बेटी के खाते में किया गया था। यही नहीं 21 जनवरी को तहसीलदार द्वारा अपने बेटे आशीष चौधरी के खाते में ₹20000 जमा करने की डिमांड की गई थी। तहसीलदार के बेटे का खाता यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया में है। इस इस पूरे मामले की शिकायत पीड़ित ने जब आजमगढ़ के कमिश्नर से की तो आरोपी तहसीलदार बौखला गया। पीड़ित को लगातार जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। 18 फरवरी को कमिश्नर कार्यालय पर की गई मारपीट इस बारे में पीड़ित ओम प्रकाश यादव ने बताया कि 18 फरवरी 2025 को जब इस पूरे मामले की शिकायत कमिश्नर से फिर से की गई तो कमिश्नर ऑफिस से बाहर निकलते ही अनिल यादव उर्फ़ अप्पू जो कि हिस्ट्रीशीटर है, ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़ित की पिटाई करनी शुरू कर दी इसके साथ ही पिस्तौल निकाल कर गोली मारने की धमकी भी दी गई।
आरोपियों द्वारा की जा रही पिटाई को देखकर आसपास के बड़ी संख्या में लोग आ गए। ऐसे में पीड़ित बचकर कमिश्नर ऑफिस भाग गया और किसी तरह से अपनी जान बचाई। पीड़ित ने कमिश्नर को सारी बात बताई। जिसके बाद कमिश्नर ने मजिस्ट्रेट सुनील कुमार धनवंता, सीओ सिटी, एसडीएम मार्टिनगंज को तत्काल तलब किया। इसके साथ ही इस मामले में पीड़ित को मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। कमिश्नर के निर्देश के बाद इस मामले में सिधारी थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया है। इसके साथ ही पीड़ित का मेडिकल भी करा दिया गया है। पीड़ित ओम प्रकाश यादव का कहना है कि आरोपी लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। ऐसे में हमारे जिला प्रशासन से मांग है कि ऐसे भ्रष्टाचारी तहसीलदार पर जल्द से जल्द कार्रवाई हो।
