रिपोर्ट : प्रिंस प्रजापति
बलिया के बांसडीह विधानसभा से भाजपा विधायक केतकी सिंह ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश को यूपी में विकास नहीं दिख रहा है, तो वे आंखों का इलाज करा लें।
विधायक ने कहा कि बलिया में सीतापुर स्थित नेत्र अस्पताल में वे अखिलेश के लिए अपॉइंटमेंट करा सकती हैं। उन्होंने सपा प्रमुख की विकास की परिभाषा पर भी सवाल उठाए। केतकी सिंह ने कहा कि अखिलेश के लिए विकास का मतलब सिर्फ सैफई में नाच-गाना है।
योगी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बलिया को मेडिकल कॉलेज दिया है। प्रदेश में 4 से बढ़कर 16 एयरपोर्ट हो गए हैं। बिजली आपूर्ति में भी सुधार हुआ है। गांवों में 18 घंटे, शहरों में 22 घंटे और जिला मुख्यालयों में 24 घंटे बिजली मिल रही है।
बांसडीह के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को लेकर उन्होंने बताया कि पिछले तीन सालों में 20-22 तटबंध बनवाए गए हैं। छह नए प्रोजेक्ट भी मंजूर हुए हैं। जिससे बाढ़ प्रभावित गांवों को राहत मिलेगी। विधायक ने योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने विधानसभा में भोजपुरी में बोलने का अवसर देकर उनका सम्मान बढ़ाया है। बलिया को मिला मेडिकल कॉलेज
यूपी विधानसभा में भोजपुरी में संबोधन के बाद बलिया पहुंची बांसडीह विधायक केतकी सिंह ने सीएम योगी को धन्यवाद दिया। कहा कि इतना बड़ा सम्मान उन्होंने मुझे दिया है। लगातार उनका सम्मान हम सभी को मिलता रहता है। महाराज जी ने पूरे बलिया को मेडिकल कॉलेज दिया है।
बांसडीह के बाढ़ ग्रस्त इलाके को लेकर कहा कि तीन साल के अन्दर हमने कम से कम 20 से 22 तटबन्धबनवाए हैं। अभी छः प्रोजेक्ट पास हुए हैं। जिससे बाढ़ प्रभावित गांवों को बचाया जा सकेगा। सपा मुखिया द्वारा प्रदेश में कोई विकास कार्य नहीं हुआ।
अखिलेश जी के विकास की परिभाषा सैफई में नाच
कहा कि अखिलेश यादव जी के विकास की जो परिभाषा है। वह सैफई में नाच है। तो वह तो महाराज जी के राज्य में नहीं हो सकता है। महाराज जी के राज्य में कुंभ में आप जाकर के संगम में स्नान कर सकते हैं। लेकिन नचनियों का नाच तो महाराज जी कर नहीं सकते। महाराज जी मेडिकल कॉलेज दे सकते हैं। चार एयरपोर्ट को 16 एयरपोर्ट कर सकते हैं। लेकिन आप चाहेंगे कि उनके जन्मदिन पर इंग्लैंड से बग्घी मंगाकर अखिलेश यादव का जन्मदिन मनाया जाए, तो यह मेरा महाराज जी से तो हो नहीं सकता है।
उनकी विकास की परिभाषा में यह था की सैफई, रामपुर, इटावा में 24 घंटे जो बिजली आ रही है, वो विकास है। लेकिन अभी जो उत्तर प्रदेश में गांव में 18 घंटे शहरों में घंटे 22 घंटे जिला मुख्यालय में पर 24 घंटे बिजली देने का जो प्रयास कर रहे है।
