ग्राम पंचायत सचिव पर मुकदमा दर्ज, निलंबित, सचिव फरार, पुलिस छापेमारी में जुटी
मुरली मनोहर पांडेय
बलिया। बलिया जिले के मुरली छपरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत कोड़हरा नौबरार में विकास कार्यों के नाम पर करीब 30 लाख रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। इस मामले में ग्राम पंचायत सचिव देवानंद गिरी पर एफआईआर दर्ज की गई है और उन्हें निलंबित कर दिया गया है। निलंबन और मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपी सचिव फरार हो गया है, जिसकी तलाश में पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। खबर लिखे जाने तक पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली थी।
बिना काम के निकाले गए 30 लाख रुपये
सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) डीएन तिवारी की तहरीर के आधार पर यह कार्रवाई की गई। जांच में पाया गया कि सचिव देवानंद गिरी और ग्राम प्रधान ने मिलकर बिना कोई विकास कार्य कराए सरकारी धन का भुगतान कर लिया। ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) श्रवण कुमार गुप्ता ने गांव में 44 विकास कार्यों की जांच की, जिसमें घोर अनियमितताएं सामने आईं। सचिव ने बार-बार मांगने के बावजूद बिल, वाउचर, कार्ययोजना, टेंडर की कॉपी या कोई अन्य दस्तावेज पेश नहीं किया।
ग्राम प्रधान पर भी कार्रवाई के निर्देश
मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज ने बताया कि ग्रामीणों की लिखित शिकायत पर जांच शुरू की गई थी, जो सही पाई गई। इसके आधार पर सचिव को निलंबित कर बैरिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। साथ ही ग्राम प्रधान के खिलाफ पंचायत अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले में संलिप्त अन्य कर्मचारियों की जांच का जिम्मा जिला विकास अधिकारी को सौंपा गया है।
पुलिस की तलाश जारी
सीओ फहीम कुरैशी ने बताया कि निलंबित सचिव देवानंद गिरी के खिलाफ बैरिया थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस टीम लगातार उसके ठिकानों पर दबिश दे रही है, लेकिन अभी तक वह हाथ नहीं लगा है।
बीडीओ की रिपोर्ट से खुला घोटाला
बीडीओ मुरली छपरा श्रवण कुमार गुप्ता ने कहा, “ग्रामीणों ने विकास कार्यों में धांधली की शिकायत की थी। मेरे द्वारा की गई जांच में भारी अनियमितता पाई गई और रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी गई, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई।”
