रिपोर्ट : प्रिंस प्रजापति
बलिया। उत्तर प्रदेश बलिया के बांसडीह में सुभासपा का तहसील घेराव तथा धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम स्थगित हो गया है।
सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण राजभर ने सोशल मीडिया पर बताया कि प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है और तीनों के विरूद्ध कार्रवाई की है।
उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ और ओमप्रकाश राजभर की सरकार गरीबों के हितों के लिए काम कर रही है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद सुभासपा ने बांसडीह तहसील का प्रस्तावित घेराव और धरना-प्रदर्शन स्थगित कर दिया है।
घटना मंगलवार को हुई, जब सुभासपा नेता उमापति राजभर के साथ एसडीएम बांसडीह के स्टेनो की गाड़ी टकरा गई। इस विवाद को मौके पर शांत करा दिया गया था।
लेकिन बाद में चौकी इंचार्ज रंजीत विश्वकर्मा और सिपाही शैलेश वर्मा ने उमापति राजभर को कोतवाली ले जाकर कथित रूप से पीटा। इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने एक दरोगा और एक सिपाही को निलंबित कर दिया था।
दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज पुलिस अधीक्षक ने सीओ बांसडीह को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। दोनों पक्षों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। अरुण राजभर ने कहा कि समाज के विकास और गरीबों, वंचितों के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
बलिया के बांसडीह में सुभासपा कार्यकर्ता पिटाई मामले में सुभासपा का प्रस्तावित तहसील घेराव व धरना-प्रदर्शन स्थगित हो गया है। उक्त जानकारी सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अरूण राजभर ने सोशल मीडिया के माध्यम से देते हुए कहा कि यूपी सरकार कानून व्यवस्था स्थापित करने के लिए जानी जाती है।
उन्होंनें कहा कि योगी आदित्यनाथ और ओमप्रकाश राजभर लगातार गरीबों के लिए सरकार चला रहे हैं। गरीबों के हक अधिकार के लिए काम कर रहे हैं। बलिया में जिस तरीके से बांसडीह तहसील में भारतीय समाज पार्टी के विधानसभा प्रभारी उमापति राजभर के साथ दरोगा, सिपाही और स्टेनो ने अभद्रता किया था।
बलिया के प्रशासन ने पूरी गंभीरता से लेते हुए तीनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए संदेश दिया किसी भी कार्यकर्ता, किसी भी गरीब, किसी भी उत्तर प्रदेश के आमजन के साथ अन्याय होगा तो उत्तर प्रदेश सरकार उसके साथ न्याय करने का कार्य करेगी। इसके लिए कल हमने जो ऐलान किया था बांसडीह तहसील का घेराव करने के लिए, वह बांसडीह तहसील का घेराव धरना प्रदर्शन स्थगित किया जाता है।
भारतीय समाज पार्टी का कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन स्थगित की जानकारी अपने-अपने गांव में दे दें। जिस तरह जनता, गरीबों, वंचितों के लिए हम लोग लड़ाई लड़ रहे है। यह लड़ाई हमारी अनवरत जारी रहेगी। समाज को आगे बढ़ाने के लिए और समाज के विकास के लिए हम लोग संघर्ष करते रहेंगे।
सुभासपा नेता उमापति राजभर ने मंगलवार को पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि उसके पैर पर एसडीएम बांसडीह के स्टेनो ने गाड़ी चढ़ा दी।
गाड़ी चढ़ाने को लेकर हुए बाद विवाद में मौके पर मौजूद लोगों द्वारा मामला शांत करा दिया गया था। बाद में कस्बे के चौकी इंचार्ज रंजीत विश्वकर्मा और उनके सहयोगी शैलेश वर्मा द्वारा उनको कोतवाली में ले जाकर बेरहमी से मारा पीटा गया। एसआई रंजीत विश्वकर्मा के खिलाफ शिकायत लेकर थाने पहुंचे सुभासपा नेताओं ने दरोगा और सिपाही के खिलाफ कारवाई की मांग की थी। मामले में सुभासपा कार्यकर्ताओं ने थाने में जाकर दरोगा व एसडीएम के स्टेनो के खिलाफ तहरीर दी।
प्रकरण में राजनीति तेज होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने सीओ बांसडीह को मामले की जांच के निर्देश दिये। एसपी ने एसआई व सिपाही को निलंबित किया। दोनों पक्षों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था।
