बलिया। उत्तर प्रदेश बलिया के मनियर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की अनुपस्थिति से मरीजों की मौतों का सिलसिला जारी है। प्रभारी डॉक्टर दिग्विजय कुमार अस्पताल में नहीं रहते और सिकंदरपुर में निवास करते हैं। हाल ही में दो गंभीर मामले सामने आए। मनियर कस्बे के नौजवान अंशु सिंह ई-रिक्शा से अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टर की अनुपस्थिति में उनकी मृत्यु हो गई। इसी तरह, रविवार रात को सड़क दुर्घटना में घायल भूसी राजभर को इलाज न मिलने के कारण जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।
भाकपा माले के नेता वशिष्ठ राजभर और परिवर्तन युथ के विनय कुमार सिंह मिंटू ने 17 मार्च को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें स्वास्थ्य केंद्र की दुर्व्यवस्था का विस्तृत वर्णन किया गया है।
जिलाधिकारी ने प्रभारी सीएमओ को स्वयं निरीक्षण कर व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विशेष परिस्थितियों में भी डॉक्टर मरीज के आने के बाद कम से कम आधा घंटा देरी से पहुंचते हैं।
महीनों से उच्च अधिकारियों को शिकायतें की जा रही हैं। धरना-प्रदर्शन भी हुए, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि डॉक्टर दिग्विजय कुमार के कार्यकाल में दर्जनों मरीजों की मौत हो चुकी है और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मौत का घर बनता जा रहा है।
मामले को ठंडा बस्ता में डाल दिया जाता है। कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती जिससे डॉक्टर दिग्विजय कुमार का मनोबल बढ़ा हुआ है। नेता द्वय द्वारा जिला अधिकारी से निवेदन किया गया है कि डॉक्टर दिग्विजय कुमार की तबादला कराकर मनियर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाय। शिकायत की प्रति मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलिया को भी सौंपा गया है।
