मुरली मनोहर पांडेय
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच पटना के बापू सभागार में जनता पार्टी और जन आशीर्वाद पार्टी सहित बिहार की 10 छोटी पार्टियों ने एकजुट होकर तीसरे मोर्चे का गठन किया है। इस मोर्चे ने जन आशीर्वाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष निशिकांत सिन्हा को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है। इस ऐलान के साथ ही तीसरे मोर्चे ने बिहार की सत्ता में परिवर्तन का दावा किया है।
जनता पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक रामआसरे दीक्षित, राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकपूर यादव और राष्ट्रीय महासचिव राकेश मणि त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से इस गठबंधन की घोषणा की। नेताओं ने कहा कि बिहार में पिछले 35 वर्षों से लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार और कांग्रेस के शासन ने राज्य को गरीबी और पिछड़ेपन की ओर धकेल दिया है। राकेश मणि त्रिपाठी ने कहा, "राष्ट्रीय जनता दल (RJD) भ्रष्टाचार और परिवारवाद से ग्रस्त है, वहीं नीतीश कुमार की शारीरिक और मानसिक स्थिति अब मुख्यमंत्री पद के लिए उपयुक्त नहीं है। बिहार के लिए अब तीसरा मोर्चा ही एकमात्र विकल्प है।"
राकेश मणि त्रिपाठी ने निशिकांत सिन्हा को बिहार के लिए एक सशक्त और दूरदर्शी नेता बताते हुए कहा, "जनता पार्टी का शासन भारत के इतिहास में स्वर्णिम युग के रूप में जाना जाता है। अगर बिहार में जनता पार्टी गठबंधन की सरकार बनती है, तो निशिकांत सिन्हा के नेतृत्व में बिहार का शासन एक नया इतिहास रचेगा।" उन्होंने दावा किया कि यह गठबंधन बिहार को समृद्धि और विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
तीसरे मोर्चे के नेताओं ने जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पर भी तीखा हमला बोला। राकेश मणि त्रिपाठी ने कहा, "प्रशांत किशोर ने चुनाव को बाजारीकरण का खेल बना दिया है। उन्होंने पार्टियों को आर्थिक, पारिवारिक और सामाजिक भ्रष्टाचार की राह दिखाई। बिहार विधानसभा चुनाव में उनकी भूमिका केवल वोट कटवाने की होगी।" त्रिपाठी ने यह भी कहा कि बिहार अब कम पढ़े-लिखे, बीमारू सोच और जनता का बाजारीकरण करने वाले नेताओं को स्वीकार नहीं करेगा।
तीसरे मोर्चे ने बिहार के युवा शक्ति और नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि निशिकांत सिन्हा के नेतृत्व में बिहार नई दिशा में आगे बढ़ेगा। नेताओं ने दावा किया कि यह गठबंधन बिहार की जनता को भ्रष्टाचार और परिवारवाद से मुक्ति दिलाएगा और समान अवसरों के आधार पर एक नई राजनीति की शुरुआत करेगा। जन आशीर्वाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष निशिकांत सिन्हा ने इस अवसर पर कहा, "यह गठबंधन एक जनआंदोलन है, जो बिहार को न्याय, सम्मान और समृद्धि की ओर ले जाएगा।"
तीसरे मोर्चे ने बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। गठबंधन ने विशेष रूप से युवा वोटरों और ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने की रणनीति बनाई है। नेताओं ने कहा कि यह मोर्चा बिहार की जनता के लिए एक नया विकल्प पेश करेगा, जो न तो NDA के साथ है और न ही महागठबंधन के साथ।
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले तीसरे मोर्चे के इस ऐलान ने राज्य की सियासत में हलचल मचा दी है। जहां एक ओर NDA और महागठबंधन अपनी-अपनी रणनीतियों में जुटे हैं, वहीं तीसरे मोर्चे का गठन और निशिकांत सिन्हा को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाए जाने से बिहार का चुनावी समीकरण और दिलचस्प हो गया है।


