रिपोर्ट: प्रिंस प्रजापति
मऊ। उत्तर प्रदेश मऊ सदर के पूर्व विधायक अब्बास अंसारी की हेट स्पीच मामले में दायर अपील पर आज मऊ सेशन कोर्ट में सुनवाई हुई। सीजेएम कोर्ट ने 31 मई को अंसारी को 2 साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद 1 जून को उनकी विधायकी रद्द कर दी गई।
अब्बास अंसारी के वकील दरोगा सिंह ने बताया कि अपील एमपी एमएलए कोर्ट राजीव वत्स के कोर्ट में पेश हुई। शासकीय वकील को कल विपक्षी संख्या एक की नोटिस मिल गई थी और विपक्षी संख्या दो की नोटिस प्राप्त नहीं हुई है। इसलिए मुझे समय दिया जाए।
इसमें माननीय न्यायालय द्वारा 21 जून की तिथि नियत की गई है, जिसमें अब विचार होगा। वहीं, अब्बास अंसारी के वकील दरोगा सिंह ने बताया कि मुझे पूरा विश्वास है कि अब्बास की विधायकी बरकरार रहेगी और फैसला पक्ष में आएगा।
अंसारी के वकील दरोगा सिंह ने बताया कि मामला एमपी-एमएलए कोर्ट से सेशन कोर्ट में ट्रांसफर किया गया है। मामला 3 मार्च 2022 का है, जब अंसारी ने मऊ के पहाड़पुर मैदान में चुनावी रैली के दौरान विवादित बयान दिया था। ये दिया था बयान
उन्होंने रैली में कहा था कि अखिलेश यादव की सरकार बनने पर 6 महीने तक कोई तबादला नहीं होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन्होंने जो किया है, उनसे हिसाब लिया जाएगा। इस बयान के बाद चुनाव आयोग ने अंसारी पर 24 घंटे का प्रचार प्रतिबंध लगाया था।
4 अप्रैल को दर्ज हुई थी FIR
4 अप्रैल 2022 को तत्कालीन एसआई गंगाराम बिंद की शिकायत पर शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई। इसमें अब्बास अंसारी, उनके भाई उमर अंसारी और चुनाव एजेंट मंसूर समेत 150 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया। आरोपियों पर धमकी, चुनाव प्रक्रिया में बाधा, लोक सेवक को बाधित करना, लोक सेवक को धमकाना, साम्प्रदायिक वैमनस्य और षड्यंत्र की धाराएं लगाई गईं।
