मुरली मनोहर पांडेय
मऊ। भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से चल रही "पर ड्रॉप मोर क्रॉप" माइक्रो इरिगेशन योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। जिला उद्यान अधिकारी संदीप गुप्ता ने बताया कि इस योजना के तहत किसानों को 80 से 90% अनुदान पर ड्रिप सिस्टम, मिनी स्प्रिंकलर, पोर्टेबल स्प्रिंकलर और रेन गन सिस्टम की स्थापना की सुविधा दी जा रही है। मऊ जिले में इस वर्ष 1494 हेक्टेयर क्षेत्र में इस योजना को लागू करने के लिए 9 करोड़ रुपये की कार्ययोजना स्वीकृत की गई है।
इस योजना की खासियत यह है कि ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई से पानी की बर्बादी रुकती है, सिंचाई में समय कम लगता है और श्रम की बचत होती है। इससे किसानों का आर्थिक बोझ भी कम होता है। गत वर्ष जिले में 269 हेक्टेयर क्षेत्र में 230 किसानों ने इस योजना का लाभ उठाया, जिसमें लगभग ढाई करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया। उदाहरण के तौर पर, परदहा विकासखंड के ग्राम इमलिया में किसान अमित पांडे ने एक हेक्टेयर में ड्रिप सिस्टम लगवाकर खरबूज की खेती की, जिससे 3,300 किलोग्राम उत्पादन हुआ और करीब 3 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई।
इस सिंचाई पद्धति की एक और विशेषता है कि उर्वरक सिस्टम के माध्यम से सीधे पौधों की जड़ों और पत्तियों तक पहुंचता है, जिससे उर्वरक का शत-प्रतिशत उपयोग होता है। यह रसायन-मुक्त और पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा देता है।
जिला उद्यान अधिकारी के अनुसार, इस वर्ष अब तक 80 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए किसानों ने पंजीकरण कराया है। पंजीकरण के लिए किसानों को खेत की खतौनी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी, एक फोटो और मोबाइल नंबर जिला उद्यान कार्यालय, विकास भवन में जमा करना होगा। वैकल्पिक रूप से, किसान स्वयं यू पी यम आई पी पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। उद्यान निरीक्षक अरुण कुमार यादव ने बताया कि इस वर्ष बड़ा लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिससे किसान खरीफ मौसम की सब्जियों, केला, मक्का, गेहूं, दलहन और तिलहन फसलों में इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
लघु और सीमांत किसानों को लागत का 90% और बड़े किसानों को 80% अनुदान दिया जाता है। किसानों को केवल 10-20% राशि जमा करनी होती है। चयनित कंपनी द्वारा सिस्टम स्थापना के बाद, अनुदान की राशि उद्यान विभाग के लखनऊ मुख्यालय से कंपनी के खाते में सीधे हस्तांतरित की जाती है।
यह योजना किसानों के लिए सिंचाई तंत्र को मजबूत करने और लागत में 25-30% तक की कमी के साथ उत्पादन बढ़ाने का सुनहरा अवसर है। अधिक जानकारी के लिए किसान जिला उद्यान कार्यालय या यू पी यम आई पी पोर्टल पर संपर्क कर सकते हैं।
