रिपोर्ट : रंजना तिवारी
देवरिया: जिला मुख्यालय पर निर्बाध बिजली आपूर्ति का दावा सिर्फ कागजों तक सीमित है। हकीकत में बिजली की स्थिति बदहाल है। उपभोक्ताओं का कहना है कि रोजाना घंटों बिजली कटौती हो रही है। कभी लोकल फॉल्ट तो कभी सुधार कार्यों के नाम पर बिजली गुल रहती है। कई मोहल्लों में हर दो मिनट में बिजली कटने से लोग त्रस्त हैं। भीषण गर्मी में पुराने ट्रांसफार्मर जल रहे हैं, और नए ट्रांसफार्मर लोड नहीं उठा पा रहे। नतीजतन, लो वोल्टेज की समस्या स्थायी बन गई है, जिससे पंखे हिलते तो हैं, पर हवा नहीं देते। पानी की मोटर और अन्य उपकरण भी ठप पड़े हैं।
उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के अधिकारी बेपरवाह हो गए हैं। उनकी शिकायतों को सुनने वाला कोई नहीं है। फोन कॉल्स का जवाब तक नहीं दिया जाता। लोगों का कहना है कि अधिकारी निजीकरण का विरोध तो करते हैं, लेकिन काम के प्रति उनकी लापरवाही उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, ताकि बिजली आपूर्ति सुचारु हो और लो वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान निकले।
