जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक में वृक्षारोपण महाअभियान 2025 की रणनीति तय
शासन द्वारा जनपद के लिए कुल 5806660 पौधों का वृक्षारोपण लक्ष्य निर्धारित
रिपोर्ट : रामदुलारी पटेल
बाराबंकी, 25 जून। वृक्षारोपण महाअभियान 2025 की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन, प्रभागीय वनाधिकारी आकाश बधावन सहित समस्त संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में वृक्षारोपण की विभागवार योजना, लक्ष्य, तथा नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि वृक्षारोपण केवल लक्ष्य पूर्ति का औपचारिक कार्य नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक दायित्व है। लगाए गए प्रत्येक पौधे को जीवित रखना और उसकी समयबद्ध देखरेख करना विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए वृक्षारोपण के लिए वैज्ञानिक और प्रभावशाली पद्धतियों को अपनाने की जरूरत बताई गई।इस क्रम में मियावाकी/हाई डेंसिटी वृक्षारोपण पद्धति को विशेष महत्व दिया गया। जिलाधिकारी ने इस तकनीक के तहत कम क्षेत्रफल में अधिक घनत्व के साथ बहुस्तरीय पौधारोपण किया जाता है, जिससे कम समय में एक टिकाऊ और जैवविविधता से परिपूर्ण जंगल तैयार किया जा सकता है।
प्रभागीय वनाधिकारी आकाश बधावन ने मियावाकी तकनीक की विशेषताओं और इसके लाभों पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि इस विधि से तैयार वन कार्बन अवशोषण, तापमान नियंत्रण, मिट्टी संरक्षण और स्थानीय जैवविविधता के संवर्धन में अत्यंत प्रभावी साबित होते हैं।
वृक्षारोपण की पारदर्शिता और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए सभी पौधों की जियो टैगिंग, स्थलवार फोटोग्राफी और ऑनलाइन ट्रैकिंग के माध्यम से भी निगरानी की जाएगी।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि जनपद में एक 'विशिष्ट वन' की परिकल्पना साकार की जा रही है, जिसमें धार्मिक, सांस्कृतिक, औषधीय और आर्थिक महत्व वाली स्थानीय प्रजातियों का समावेश होगा। यह वन जनसहभागिता से विकसित होगा और जिले की सांस्कृतिक पहचान को अभिव्यक्त करेगा।
वृक्षारोपण अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने हेतु विभिन्न विभागों, स्वंयसेवी संगठनों, विद्यालयों एवं आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
जनपद के लिए कुल 5806660 पौधों का वृक्षारोपण लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें सभी विभागों की सहभागिता रहेगी। वन विभाग एवं अन्य संबद्ध इकाइयों के समन्वय से जनपद को हरित और स्वच्छ बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे आपसी समन्वय, समयबद्ध क्रियान्वयन और उत्तरदायित्व की भावना के साथ इस महाअभियान को सफल बनाएं।
