रिपोर्ट: प्रिंस प्रजापति
बलिया। बांसडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पूर्व अधीक्षक डॉ. वेंकटेश मौर की न्यायिक हिरासत में हुई मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। चौथे दिन भी अस्पताल की सभी सेवाएं ठप हैं।
चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी सीएचसी परिसर में धरने पर बैठे हैं। शुक्रवार को भाजपा के पूर्व विधायक शिवशंकर चौहान ने धरनास्थल पर पहुंचकर चिकित्सकों से मुलाकात की। उन्होंने मामले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। साथ ही विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की मांग करने की बात कही। चिकित्सकों का कहना है कि जब तक मामले की उच्चस्तरीय जांच नहीं होती और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। जिला चिकित्सक संघ और प्रांतीय चिकित्सा संघ समेत कई संगठनों ने आंदोलन को समर्थन दिया है।
धरने में डॉ. प्रणव कुणाल, डॉ. नितिन सिंह, डॉ. विनोद कुमार सिंह और डॉ. अमित गुप्ता, कंचन यादव, सपना सिंह, पुनीता यादव, अनीता यादव, गुंजन उपाध्याय, अदिति, रवि भूषण सिंह, हर्ष सिंह, सगीर हसन समेत कई वरिष्ठ चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। वे दोषियों की गिरफ्तारी और मृतक के परिवार को मुआवजा व नौकरी की मांग कर रहे हैं।
अस्पताल की सेवाएं बंद होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन न मिलने से चिकित्सकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
