मुरली मनोहर पांडेय
मऊनाथ भंजन। नगर पालिका परिषद की प्रथम महिला पालिकाध्यक्ष राना खातून का कल दिनांक 01.07.2025 को निधन हो गया। वह लगभग 65 वर्ष की थीं। उनकी मृत्यु पर आज एक शोक सभा पालिका के बैठक कक्ष में आयोजित हुयी। उक्त शोक सभा में पालिका के पदाधिकारियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उपस्थित होकर 2 मिनट का मौन रखा तथा अल्लाह से उनकी बखशिश (आत्मा की शान्ति) एवं उनके गमज़दह अहल-ए-खाना (शोकाकुल परिवार) को कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करने की दुआ की।
इस अवसर पर पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल ने उनके सम्बन्ध में बताते हुये कहा कि नगरपालिका परिषद मऊ की प्रथम महिला अध्यक्ष सुश्री राना खातून को प्रोस्टेट कैंसर था। अगस्त 2023 में कैंसर की सूचना आई थी। तभी से उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उन्हें 4 बार कीमो लगाया गया। 3 बार उनकी बॉडी ने कीमो को एक्सेप्ट कर लिया पर चौथी बार सहन नहीं कर सकी और कल रात 10.30 बजे उनका देहांत हो गया। श्री जमाल ने बताया कि मैडम राना खातून एक हिम्मती, सजग, एक्टिव, सामाजिक और राजनैतिक महिला थीं। शिक्षा, समाज, पर्यावरण और राजनीति में उनके योगदान को सदैव याद रखा जायेगा। मरहूमा राना खातून 1995 से 2000 तक पालिकाध्यक्ष रहीं। उनके कार्यकाल में ही मैने राजनीति में कदम रखा था और पहली बार चुनाव लड़कर सभासद बना था। दिवंगत राना जी कांग्रेस की वफादार नेता थीं। वर्तमान में वो प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सदस्या थीं। वे वर्ष 2012 में कांग्रेस के सिम्बोल से सगड़ी विधान सभा और 2022 में घोसी विधान सभा से चुनाव भी लड़ी थीं।
अध्यक्ष जी ने बताया कि मऊ जनपद के जनक स्वर्गीय कल्पनाथ राय जी के साथ उन्होंने लम्बे समय तक राजनीति में काम किया। वे महिलाओं की हिस्सेदारी को लेकर हमेशा मुखर रहीं। वह अत्यन्त मृदुल भाषी और कुशल व्यवहार की धनी थीं। अपना पूरा जीवन समाज सेवा हेतु समर्पित कर रखा था। जिसके चलते ही उन्होंने शादी भी नहीं की। उन्होंने बताया कि राना खातून के निधन की खबर बहुत दुःखदाई है। राना खातून आजमगढ़ के चौक की रहने वाली थीं। कल शाम 5 बजे मदरसा जामेअतुर्रशाद के प्रांगण में उनके जनाजे की नमाज अदा की गयी तथा उनके दिवंगत शरीर को उनके खानदानी कब्रिस्तान में दफन कर दिया गया।
अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार ने कहा कि यद्यपि मेरी उनसे कभी मुलाकत नहीं हो पाई परन्तु उनके बारे में मैंने बहुत सुना है। वह एक महत्वाकांक्षी, जनहित प्रेमी, मृदुल भाषी एवं लोकप्रिय व्यक्तित्व की धनी महिला थीं। वह जनप्रतिनिधि के रूप में अपने सेवाकाल के दौरान पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से काम करती रहीं जिसके चलते आज भी नगरवासियों को उनकी कार्यशैली याद है। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में भी काफी काम किया है। शिक्षा में उनकी रूची के चलते ही उन्होंने नगर में कई महिला विद्यालय कायम किया जिससे नगर की लड़कियों को शिक्षा के साथ साथ उनका मार्गदर्शन भी मिलता रहा। ईश्वर उनकी आतमा को शान्ति दे।
लेखाकार टी0एन0 मिश्रा ने कहा कि जरा सोचिये उस समय जब कोई मुस्लिम महिला घर से बाहर निकलने के सम्बन्ध में सोच भी नहीं सकती थी तब उन्होंने ने न सिर्फ घर से बाहर कदम लिकाला बल्कि शिक्षा, राजनीति एवं सामाजिक कुरीतियों को दूरकरने में अहम भूमिका निभाई। इस साहस मात्र से ही उनके बहुआयामी व्यक्तित्व का अन्दा लगाया जा सकता है। उन्होंने नगर के विकास में अहम भूमिका निभाई। अपने कार्यकाल के दौरान सुश्री खातून ने नगरवासियों के लिये अत्यन्त समर्पित हो कर कार्य किया जिसके लिये उन्हें याद रखा जायेगा। हम सब को उनके खोने का गम है।
इस अवसर पर कई अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचारों को साझा किया।
शोक सभा में पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल, सम्मानित सभासदगण, अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार, लेखाकार टी0एन0 मिश्रा, पालिका के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी, तरूण इण्टर कालेज के पूर्व प्रधानाचार्य उमेश चन्द्र पाण्डेय आदि के इलावा नगर के प्रतिष्ठित लोग उपस्थित रहे।


