रिपोर्ट : प्रिंस प्रजापति
उत्तर प्रदेश मऊ नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक में सभासदों ने कमीशन के खेल से नाराज होकर जमकर हंगामा किया। सभासद अब्दुल सलाम ने नगर विकास मंत्री, ईओ और चेयरमैन पर 5-5 प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप लगाया।
सलाम के अनुसार, मऊ नगर पालिका में टेंडर सीधे नहीं निकलते। पहले वे मंत्री के पास जाते हैं। 70 प्रतिशत ठेके मंत्री, उनके भाई और करीबियों को दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों का चयन जाति और पहुंच के आधार पर होता है। बलिया, देवरिया और आजमगढ़ से आए भूमिहार-पंडित ठेकेदारों को ही ठेके मिलते हैं।
इस बीच, सभासद सत्यप्रकाश और राजीव सैनी ने नगर पालिका अध्यक्ष अरशद जमाल पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अध्यक्ष 25 प्रतिशत कमीशन लेकर अपने ठेकेदारों को काम देते हैं। उनका कहना है कि अल्पमत में होने के बावजूद प्रस्ताव जबरन पास किए जाते हैं।
सभासदों ने घटिया निर्माण कार्य का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि ठेकेदार सफेद बालू से काम कराते हैं। शिकायत करने पर उन पर ही कमीशन मांगने के आरोप लग जाते हैं। कैमरे पर रिकॉर्ड हुए इस विवाद के बाद मऊ की राजनीति में हलचल मच गई है। अब देखना यह है कि मंत्री ए.के. शर्मा और प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।


