रिपोर्ट : बीके सिंह
खीरी, औरंगाबाद: उत्तर प्रदेश के खीरी जिले के औरंगाबाद क्षेत्र में एक बार फिर झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही ने एक मासूम बच्ची की जान ले ली। कुकुरगोती गांव निवासी 13 वर्षीय बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे इलाज के लिए स्थानीय क्लीनिक ले गए, जहां बिना डिग्री वाले तथाकथित डॉक्टर ने गलत इलाज किया, जिसके परिणामस्वरूप बच्ची की मौत हो गई।
बच्ची की माता ने मैगलगंज कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर दोषी झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि बिना मेडिकल लाइसेंस के संचालित हो रहे इस क्लीनिक में लापरवाही बरती गई, जिसके कारण उनकी बेटी की जान चली गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि औरंगाबाद क्षेत्र में दर्जनों झोलाछाप डॉक्टर बिना किसी डिग्री या लाइसेंस के क्लीनिक चला रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की सुस्ती के कारण इन अवैध क्लीनिकों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। आए दिन गलत इलाज के कारण मरीजों की जान जा रही है, लेकिन पसगवां क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारी इन झोलाछाप डॉक्टरों पर मेहरबान बने हुए हैं।
स्थानीय निवासियों और पीड़ित परिवार ने योगी सरकार से मांग की है कि इन झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते ऐसे फर्जी डॉक्टरों पर नकेल नहीं कसी गई, तो इस तरह की दुखद घटनाएं बार-बार सामने आती रहेंगी।
इस घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल उठ रहा है कि आखिर कब तक बिना डिग्री वाले ये तथाकथित डॉक्टर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करते रहेंगे? क्या योगी सरकार का "हंटर" इन झोलाछाप डॉक्टरों तक पहुंचेगा?
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जब इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने मामले की जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना ठोस कार्रवाई के ये आश्वासन केवल खोखले साबित हो रहे हैं।
