रिपोर्ट : प्रिंस प्रजापति
मऊ। युवाओं में सेवा भावना, अनुशासन, नेतृत्व और संगठन क्षमता का विकास करने वाले भारत स्काउट और गाइड / रोवर्स एवं रेंजर्स उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में, महाराजा सुहेलदेव विश्व विद्यालय आज़मगढ़ से संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों हेतु एक पाँच दिवसीय प्रवेश एवं निपुण प्रशिक्षण शिविर का शुभारम्भ आज दिनांक 23 अगस्त 2025 को डी.सी.एस.के. पी.जी. कॉलेज, मऊ के प्रांगण में हुआ।
यह शिविर दिनांक 23 अगस्त से 27 अगस्त 2025 तक आयोजित होगा, जिसमें 100 रोवर्स एवं रेंजर्स सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। प्रतिभागियों का चयन जनपद आज़मगढ़, मऊ एवं जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया से किया गया है। शिविर का उद्घाटन समारोह अत्यंत गरिमामय एवं भव्य वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ. घनश्याम दुबे ने किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. शर्वेश पाण्डेय उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि स्काउट और गाइड संगठन विद्यार्थियों को समाज सेवा, सहयोग और अनुशासन का पाठ पढ़ाता है। जीवन के हर क्षेत्र में इन मूल्यों की आवश्यकता होती है। उन्होंने प्रतिभागियों से अपेक्षा की कि वे इस प्रशिक्षण से सीखे गए अनुभवों को अपने व्यक्तिगत जीवन और सामाजिक जीवन में सार्थक रूप से लागू करेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भूगोल विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने की। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण शिविर केवल एक गतिविधि नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त माध्यम है। युवाओं को अनुशासन और सेवा का महत्व जीवन भर याद रखना चाहिए।
विशेष अतिथि के रूप में श्री शैलेश प्रकाश (सहायक प्रादेशिक संगठन आयुक्त, उत्तर प्रदेश) ने प्रतिभागियों को स्काउट-गाइड आंदोलन के इतिहास, उद्देश्य और इसकी वर्तमान प्रासंगिकता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज के समय में समाज को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है, जो सेवा और नेतृत्व की भावना से कार्य करें।
प्रो. सी.पी. राय ने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक है जब उसमें समाज सेवा और नैतिकता का समावेश हो। डॉ. सी.पी. दीक्षित ने अनुशासन और समयबद्धता पर बल दिया और कहा कि यही सफलता की कुंजी है।
डॉ. आनंद प्रकाश द्विवेदी ने कहा कि प्रशिक्षण से सीखे गए कौशल जैसे प्राथमिक चिकित्सा, टीम वर्क और पर्यावरण संरक्षण विद्यार्थियों के जीवन को सशक्त बनाएंगे। इस अवसर पर अनेक विशिष्ट अतिथि भी उपस्थित रहे।
डॉ. रश्मि पाण्डेय, श्री अखिलेश, श्री अजीत, डॉ. सूर्य भूषण द्विवेदी, श्री अंजनी, श्री अकबर, श्री राजेश यादव आदि अतिथिगण उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने प्रशिक्षण शिविर के आयोजन की सराहना की और प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ दीं।
प्रशिक्षण शिविर की गतिविधियाँ-
पाँच दिवसीय शिविर में प्रतिभागियों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
1. प्रवेश एवं निपुण प्रशिक्षण – रोवर्स एवं रेंजर्स को उनके स्तरानुसार आवश्यक नियम और विधियाँ सिखाई जाएँगी।
2. अनुशासन एवं शारीरिक प्रशिक्षण – प्रातःकालीन व्यायाम, योगाभ्यास एवं खेल-कूद।
3. सामुदायिक सेवा – स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम।
4. आपदा प्रबंधन एवं प्राथमिक उपचार – आपातकालीन परिस्थितियों में बचाव और प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी।
5. नेतृत्व और टीम भावना का विकास – समूह गतिविधियाँ और जिम्मेदारी बाँटने का अभ्यास।
6. सांस्कृतिक कार्यक्रम – लोकगीत, नाटक और नृत्य के माध्यम से रचनात्मकता का प्रदर्शन।
इन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों में सामाजिक सरोकार, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास होगा।
इस प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाना है। यहाँ प्राप्त अनुभव से वे समाज में सेवा, सहयोग और अनुशासन की मिसाल कायम करेंगे। ऐसे शिविर शिक्षा को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़ाकर उसे व्यवहारिक और जीवनोपयोगी बनाते हैं..
डी.सी.एस.के. पी.जी. कॉलेज, मऊ में आयोजित यह पाँच दिवसीय शिविर युवाओं के लिए एक अनूठा अवसर है। 23 अगस्त को सम्पन्न उद्घाटन के साथ प्रारम्भ हुआ यह शिविर 27 अगस्त तक चलेगा और इसमें भाग लेने वाले 100 रोवर्स एवं रेंजर्स न केवल स्काउट-गाइड की मूल भावना को आत्मसात करेंगे, बल्कि समाज के प्रति सेवा और जिम्मेदारी की भावना को भी और अधिक प्रबल करेंगे।
यह शिविर निश्चित ही विद्यार्थियों को जीवन भर मार्गदर्शन करने वाला अनुभव प्रदान करेगा और समाज को अनुशासित एवं जागरूक युवा शक्ति उपलब्ध कराएगा।




