रिपोर्ट : प्रिंस प्रजापति
बलिया। भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष और उनसे साथी की हत्या राजस्थान में कर दी गई। दोनों के शव अलग-अलग कुओं में मिले हैं। ऑनलाइन ठगों ने सस्ता जेनरेटर देने का झांसा देकर बुलाया और रुपए लूटकर हत्या कर दी गई।
मामला मंगलवार शाम 4 बजे का है। पुलिस जांच में सामने आया है कि 9 लाख रुपए का जनरेटर 3.5 लाख रुपए में देने का झांसा दिया गया था। फिर सुनसान जगह पर बुलाकर ठगी और हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया है। एजेंसी संचालक के एक भाई IRS और दूसरे PCS अधिकारी हैं।
*अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला...*
बलिया के अघैला गांव के रहने वाले अशोक सिंह (55) अपने साथी विकास के साथ राजस्थान गए थे।
ऑनलाइन ठगों ने अशोक सिंह को 9 लाख रुपए का जनरेटर सिर्फ 3.5 लाख रुपए में देने का झांसा दिया था। अशोक सिंह ने 16 सितंबर को जनरेटर खरीदने की ऑनलाइन डील की थी। इसके बाद बलिया से जयपुर के लिए रवाना हुए। 19 सितंबर से दोनों का फोन ऑफ हो गया था।
अशोक सिंह बलिया के दशरथ बजाज एजेंसी के संचालक थे। यह एजेंसी उनके पिता के नाम पर है।
छोटे भाई IRS अधिकारी निर्भय नारायण सिंह ने 21 सितंबर को रेल भवन दिल्ली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मृतकों के मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर राजस्थान के शाहजहांपुर में दोनों के शव बरामद किए। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से ठगी गिरोह की पहचान और गिरफ्तारी की कोशिश शुरू कर दी है।
मृतक के छोटे भाई IRS निर्भय नारायण सिंह ने बताया की उनके भाई को जनरेटर की जरूरत थी। ऑनलाइन रिसर्च के बाद उन्हें जयपुर में जनरेटर सस्ते मिलने की जानकारी मिली। साइबर ठगों के चंगुल में फंसकर बिना परिवार को बताये जयपुर चले गए। अपने साथ मिस्त्री विकास कुमार को भी ले गए थे।
परिवार ने उनसे सम्पर्क करने की कोशिश की तो सम्पर्क नहीं हो पाया। लेकिन मृतक की लोकेशन लगातार शाहजहांपुर क्षेत्र में ही बनी हुई थी। इसके बाद पुलिस ने उनका और विकास का शव 1 किमी की दूरी पर बने दो कुओं से बरामद किया है। अशोक सिंह का अंतिम संस्कार गोमती नदी के किनारे बैकुंठ धाम लखनऊ में किया गया। वहीं विकास का अंतिम संस्कार बलिया में होगा।
बता दें कि अशोक सिंह 6 भाई थे। बड़ा भाई रघुनाथ सिंह सेना में सूबेदार के पद से रिटायर हैं। दूसरे भाई बृजनाथ सिंह गोरखपुर में क्लीनिक चलाते हैं। तीसरे भाई दीनानाथ की मौत हो चुकी है। चौथे नंबर पर अशोक सिंह खुद थे। पांचवे भाई ADRM निर्भय नारायण सिंह की दिल्ली में पोस्टिंग है। सबसे छोटे संजय सिंह सेल टैक्स कमिश्नर हैं।
अशोक सिंह की चाची चन्द्रावती सिंह ने कहा कि यह बर्दाश्त से बाहर है। अशोक न केवल मिलनसार था, बल्कि सबका मददगार भी था। अशोक का परिवार प्रयागराज रहता है। पत्नी सीमा और एक बेटा असीम श्रीनेत व एक बेटी आयुषी श्रीनेत हैं। बच्चों की पढ़ाई के लिए सीमा वहीं रहता है। चाची ने बताया कि प्रयागराज बड़े मकान और कोठियां हैं। अशोक एजेंसी पर अकेले रहते थे। गांव में उनका घर बना है, जहां कभी-कभी आना जाना रहता था।
