मुरली मनोहर पांडेय
बलिया। जिले के फेफना थाना क्षेत्र के आमडारी गांव में सोमवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब 10 वर्षीय यशवंत वर्मा का शव घर से महज 200 मीटर दूर एक मकान के पीछे खेत में बोरी में भरा मिला। बच्चे का चेहरा और सिर कीचड़ से सना हुआ था। परिजनों ने स्पष्ट रूप से हत्या कर शव को बोरी में भरकर फेंकने का आरोप लगाया है। घटनास्थल से एक मोबाइल फोन और चप्पल बरामद हुए हैं, जिन्हें पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक कृपाशंकर सिंह, सीओ राकेश सिंह सहित फेफना थाना प्रभारी विश्वदीप सिंह मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। एसपी ने परिजनों को शीघ्र खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। घटना से गांव में भारी आक्रोश है।
आमडारी गांव निवासी रामजी वर्मा खेती करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनकी पांच संतानें हैं – चार बेटियां और सबसे छोटा इकलौता बेटा यशवंत वर्मा (10), जो होली पथ स्कूल में कक्षा तीन का छात्र था। रविवार देर शाम यशवंत अचानक घर से गायब हो गया। परिजनों को लगा कि पास के गांव में आई बारात देखने गया होगा। रात भर खोजबीन के बाद भी जब पता नहीं चला तो रात लगभग 10 बजे फेफना थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। सोमवार सुबह मोहल्ले की कुछ महिलाएं खेत में काम करने जा रही थीं। तभी विरेंद्र वर्मा के घर के पीछे झाड़ियों में बोरी से बच्चे की टांग दिखाई दी। चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते भारी भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बोरी से बाहर निकाला। इकलौते बेटे की लाश देख मां सीमा देवी बेहोश हो गईं। चारों बहनें सोमन, सोनी, मोनिका और खुशी भाई का शव देखकर बिलख पड़ीं। पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से बात की और कहा कि प्रथम दृष्टया यह हत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है और बहुत जल्द घटना का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

