लाल बालू-पोटाश-नमक मिलाकर बनाते थे नकली डीएपी
मुरली मनोहर पांडेय
मऊ। दोहरीघाट थाना क्षेत्र के गोठा गांव में रविवार देर रात पुलिस ने छापेमारी कर नकली डीएपी खाद बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। जैविक खाद बनाने के वैध लाइसेंस की आड़ में चल रहे इस अवैध धंधे में फैक्ट्री मालिक सहित चार लोग गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने मौके से करीब 100 बोरी नकली डीएपी खाद, लोडिंग के लिए खड़ी पिकअप व ट्रक सहित अन्य सामान जब्त किया है।
मुखबिर की सूचना पर घोसी सीओ जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में दोहरीघाट थानाध्यक्ष संजय कुमार त्रिपाठी ने रविवार रात गोठा स्थित मदन राय की फैक्ट्री पर दबिश दी। वहां मजदूर ट्रक व पिकअप वैन में नकली डीएपी की बोरियां लाद रहे थे। तत्काल कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री मालिक मदन राय (गोठा निवासी), एक महिला व दो अन्य लोगों को हिरासत में ले लिया गया। गोदाम से करीब 100 बोरी तैयार नकली डीएपी बरामद की गई।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी लाल बालू में पोटाश मिलाकर उसे लाल रंग देते थे और नमी पैदा करने के लिए नमक मिलाते थे, ताकि हाथ में लेते ही खाद गलने लगे और किसान इसे असली डीएपी समझकर खरीद लें। आर्डर मिलने पर रात में चुनिंदा मजदूरों से नकली खाद तैयार करवाई जाती थी और रातोंरात ही उसे संबंधित जिलों में सप्लाई कर दी जाती थी।
सीओ जितेंद्र सिंह ने बताया कि सबसे ज्यादा ऑर्डर सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, अयोध्या, देवरिया और गोरखपुर जिलों से आते थे। आरोपी पिछले कई महीनों से इस धंधे को अंजाम दे रहे थे। पुलिस अब सप्लाई चेन व अन्य संलिप्त लोगों की तलाश कर रही है।
