टेंडर प्रक्रिया को सरल करने के सख्त निर्देश, लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने की चेतावनी
700 से अधिक जोड़ों के आवेदन, पिछले साल भ्रष्टाचार के कारण नहीं हो सका था आयोजन
रिपोर्ट : प्रिंस प्रजापति
बलिया। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के आयोजन में हो रही देरी से जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सोमवार को गहरी नाराजगी जताई। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में पता चला कि जटिल टेंडर प्रक्रिया के कारण पूरे जिले में सिर्फ एक फर्म ने ही आवेदन किया है।डीएम ने कहा कि योजना की गंभीरता को देखते हुए केवल एक फर्म का आवेदन स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने समाज कल्याण विभाग व अन्य संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से टेंडर शर्तों को सरल व पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक फर्म भाग ले सकें। सामग्री आपूर्ति और टेंट व्यवस्था के टेंडर को शीघ्र पूरा करने को कहा गया है।जिलाधिकारी ने साफ चेतावनी दी कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और टेंडर प्रक्रिया जल्द-से-जल्द पूरी होनी चाहिए। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण जिले में सामूहिक विवाह योजना का आयोजन नहीं हो सका था। इस बार प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए आवेदन मंगाए हैं। समाज कल्याण विभाग के अनुसार अब तक 700 से अधिक जोड़ों के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनकी जांच व सत्यापन ब्लॉक स्तर पर चल रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस बार बिना किसी देरी के सभी पात्र जोड़ों का विवाह कराया जाए।
