रिपोर्ट : प्रिंस प्रजापति
बलिया। अपने भाई की मृत्यु के मामले में न्याय की मांग को लेकर एक युवक जिला कलेक्ट्रेट में आमरण अनशन पर बैठा है। विशाल तिवारी नामक यह युवक सोमवार की रात में भी कड़ाके की ठंड में 'जस्टिस फॉर कुणाल तिवारी' बैनर तले अनशन कर रहा है। विभिन्न समाजसेवी और राजनीतिक दलों के लोग भी रात में अनशन स्थल पर मौजूद रहे और उसे समर्थन दिया। अनशन पर बैठे विशाल तिवारी ने आरोप लगाया कि उसके भाई की मौत जिला अस्पताल की लापरवाही के कारण हुई है। उसने बताया कि वह कई बार जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से मिला, लेकिन आज तक प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं हुई। विशाल ने कहा, "आज मैं भूख हड़ताल पर बैठा हूं। या तो मेरी एफआईआर दर्ज होगी, या मुझे जेल जाना होगा, या मेरी मृत्यु यहीं पर हो जाएगी। जब तक मेरी एफआईआर दर्ज नहीं होगी, मैं यहां से नहीं हटूंगा। अगर मुझे कुछ होता है, तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।" सपा युवाजन सभा के राष्ट्रीय सचिव धनंजय सिंह विशेन ने विशाल को समर्थन देते हुए कहा कि 22 वर्षीय नौजवान विशाल अपने भाई की मौत की जांच की मांग को लेकर इस हाड़ कंपा देने वाली ठंड में जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में बैठा है। उन्होंने कहा कि वे इस 'गूंगे-बहरे' जिला प्रशासन को जगाने का प्रयास कर रहे हैं।
सागर सिंह राहुल ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि 15 साल के बच्चे का निधन चिकित्सक की लापरवाही के कारण हुआ और उसका बड़ा भाई न्याय के लिए दर-दर भटकता रहा। विशाल ने जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, परिवहन मंत्री और सांसद तक सभी से मुलाकात की, लेकिन उसे कहीं से न्याय की उम्मीद नहीं मिली। अब वह अपने भाई को न्याय दिलाने के लिए आमरण अनशन पर बैठा है। उन्होंने मांग की कि जब तक लापरवाह चिकित्सक पर मुकदमा दर्ज नहीं होता, तब तक वे नहीं हटेंगे। इस मौके पर सुशांतराज भारत भी मौजूद रहे।
