काला कानून वापस लेने की मांग, जिलाधिकारी से की मुलाकात
कानून वापस न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
रिपोर्ट : प्रिंस प्रजापति
मऊ। UGC द्वारा समानता के नाम पर अधिसूचित विनियमन 2026 के विरोध में गुरुवार को अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। यह मुलाकात आज दिनांक 29 जनवरी 2026 को सुबह 11:30 बजे हुई।
ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने मांग की कि UGC विनियमन 2026 की संवैधानिक वैधता एवं इसके व्यवहारिक दुष्प्रभावों की उच्च स्तरीय समीक्षा कराई जाए और इसे तत्काल प्रभाव से वापस लेने के लिए केंद्र सरकार को निर्देशित किया जाए, ताकि देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था न्यायपूर्ण, संतुलित और राष्ट्रहितकारी बनी रह सके।
इस दौरान अधिवक्ताओं में UGC बिल को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिला। प्रदर्शन के दौरान “काला कानून वापस लो” के नारे लगाए गए। साथ ही प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के विरोध में भी नारेबाजी की गई। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि इस कानून को शीघ्र वापस नहीं लिया गया, तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।
प्रदर्शन में दिवानी बार के पूर्व उपाध्यक्ष विवेक कुमार सिंह, नीरज कुमार सिंह, अखण्ड प्रकाश पाण्डेय (पूर्व उपाध्यक्ष), हिमांशु पाण्डेय, पुष्कर चौबे, मनीष सिंह, अंकित राय, सिद्धार्थ सिंह, अनन्त सिंह, गौरव सिंह, अश्वनी सिंह, अभिषेक सिंह, रूपेश सिंह, निशान्त सिंह, सूर्या सिंह सहित अनेक अधिवक्ता शामिल रहे। वहीं डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन से अश्विनी कुमार सिंह, संजय सिंह, राकेश सिंह, मनोज सिंह, अखिलेश सिंह, सन्तोष सिंह समेत सैकड़ों अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन में सहभागिता की।
