रिपोर्ट : राम गणेश दास
जनपद बाराबंकी भारतीय किसान यूनियन के द्वारा 17फरवरी 2026को दादनपुर चौराहा तहसील फतेहपुर से आयोजित होने वाली किसान मजदूर स्वाभिमान महापंचायत के अधिकाधिक किसानों की भागीदारी व 1990 से 1995 के मध्य भारतीय किसान यूनियन के आवाहन पर चले जेल भरो आन्दोलन में भागीदारी करने वाले कार्यकर्ताओं/दिवंगत कार्यकर्ताओं के परिजनों के सम्मान समारोह/संगठन विस्तार आदि के उद्देश्य से विकास खण्ड देवां के ग्राम इनायतपुर, मलूकपुर,छेरिया व पवैयाबाद में नुक्कड़ किसान पंचायतों का आयोजन किया गया।
आज के कार्यक्रमों में उक्त गांवों सहित आसपास के गांवों के जेल आन्दोलनकारी किसानों को फूलमाला पहनाकर स्वागत किया गया तथा उनके द्वारा प्रदेश की विभिन्न जेलों में बिताए गए दिनों के तमाम संस्मरण सुनाए गए। महात्मा महेन्द्र सिंह टिकैत के समय में चले जेल भरो आन्दोलनों में बाराबंकी जनपद से लगभग दो हजार किसान उन्नाव, सुल्तानपुर, बहराइच, गोंडा, लखनऊ, बाराबंकी रायबरेली आदि जेलों में महीनों बंद रहे और सम्मान पूर्वक रिहा हो कर घर वापसी की।
इन किसान सेनानियों के संघर्ष का नतीजा है कि आज किसानों में अपने हक अधिकार और सम्मान के लिए लड़ कर हासिल करने का जज्बा पैदा हुआ है।
आज के कार्यक्रमों में प्रदेश सचिव श्रद्धेय मुकेश सिंह के अग्रज उत्तम सिंह वर्मा, महासचिव मध्य जोन अनिल कुमार वर्मा,मंडल उपाध्यक्ष गिरीश चन्द्र वर्मा, जिला अध्यक्ष हौसिला प्रसाद वर्मा, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष दिनेश कुमार, ब्लाक अध्यक्ष देवां रईस अहमद व उनकी टीम सहित तमाम लोगों ने नुक्कड़ पंचायतों को सम्बोधित किया।
आज ही पवैया बाद चौराहे पर आयोजित संत रविदास जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके द्वारा आडम्बरों के खिलाफ चलाए गए जन जागरण अभियान की सराहना करते हुए "मन चंगा तो कठौती में गंगा"की विचारधारा का समर्थन किया गया।
केन्द्र सरकार द्वारा आज पेश किए गए बजट से किसान मजदूरों को निराशा हाथ लगी है। कर्ज़ देने की जगह पर कर्जमुक्ति, सब्सिडी देने की जगह सभी फसलों की एम एस पी की कानूनी गारंटी ही किसानों की दशा में सुधार ला सकता है। जिसका जिक्र मौजूदा बजट में न होना किसानों के साथ धोखा है।
