मस्जिद के चैनल गेट में भरत मिलाप के विमान से टक्कर मारने का है परंपरा
मुरली मनोहर पांडेय
मऊ। उत्तर प्रदेश मऊ में दशहरा दुर्गा पूजा और मूर्ति विसर्जन के साथ भरत मिलाप सकुशल संपन्न हो जाने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है प्रशासन के लिए भारत मिलाप अग्नि परीक्षा थी जो आज भोर में प्रातः 4:45 पर संपन्न हो गया।
भारत मिलाप का विमान शाही कटरा मस्जिद के चैनल गेट में तीन बार टक्कर मारने का है परंपरा उस वक्त स्थितियां बेहद संबेदन सील होती हैं दरअसल उसी वक्त नमाज का भी समय होता है जब एक संप्रदाय के लोग अल्लाह हो अकबर करते हैं और इसी वक्त दूसरे संप्रदाय के लोग जय श्री राम और हर हर महादेव का उद्घोष करते हैं इसी के बीच चारों भाई गले मिलते हैं इस दौरान हजारों की भीड़ रात से ही यहां दृश्य देखने के लिए बैठ जाती है प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक उच्च न्यायालय के एक फैसले के बाद से यह परंपरा चली आ रही है कि भरत मिलाप का विमान शाही मस्जिद के चैनल गेट में तीन बार टक्कर मारता है और मोहर्रम का ताजिया संस्कृत पाठशाला की तीन सीडीओ पर चढ़कर गुजरता है। एसपी भी रात भर जगे रहे इस परंपरा का निर्वहन करने के लिए वही कमिश्नर और डीआईजी भी स्थिति का पूरी रात जायजा लेते रहे ताकि जनपद में अमन चैन कायम रहे कहीं कोई बवाल बाजी ना हो सके और सांप्रदायिक तनाव से जिला मुक्त रहे भरत मिलाप का विमान यदि तीन से अधिक बार टक्कर मार दिया या टक्कर मारते समय टक्कर कुछ ज्यादा ही तेज हो गई तो प्रक्रिया स्वरूप दंगा भड़काने की संभावना बनी रहती है ऐसे में अक्सर अधिकारी पूरी तैयारी के साथ मस्जिद के चैनल गेट से इस कदर शट कर रहते हैं कि दूसरे संप्रदाय की लोगों की भावनाओं को ठेस न पहुंचे और उसकी भावनाएं इस कदर आहत न हो जाए कि यह हिंसा पर उतर आए भरत मिलाप संपन्न होने के बाद शासन प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
शासन प्रशासन के लिए भरत मिलाप दुर्गा पूजा और मूर्ति विसर्जन बहुत बड़ी चुनौती होती है कई बार कर्फ्यू लगाया जा चुका है शहर में आखिरी दंगा वर्ष 2005 में दुर्गा पूजा के दौरान लाउड स्पीकर का तार नोचने को लेकर हुआ था जिसमें भारी नुकसान हुआ था शहर लगातार तीन दिनों तक धू धू कर जलता रहा दुकानो को लूट कर आग के हवाले कर दी गई थी 15 दिनों तक रेल सेवा ठप रही तब से दशहरा दुर्गा पूजा और भरत मिलाप को संपन्न कराना स्थानीय प्रशासन के लिए किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं रहती है स्थानीय प्रशासन के अलावा मंडल आयुक्त और डीआईजी भी स्थिति का जायजा लेने आते रहते हैं यह सकुशल समाप्त होने के बाद ही स्थानी प्रशासन राहत की सांस ले पाती है इस चुनौती पूर्ण कार्य को शासन और प्रशासन ने बड़े ही आसानी से अपने सूझबूझ से सकुशल संपन्न कर लिया है।
