रिपोर्ट: प्रिंस प्रजापति
बलिया। बलिया के बैरिया तहसील में न्यायिक फाइलों के गायब होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को अधिवक्ताओं और पेशकार के बीच तीखी नोकझोंक हुई। तहसील के पेशकार ओमप्रकाश पटेल पर अधिवक्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पेशकार मुकदमों की फाइलें दिखाने से मना कर रहे हैं। अधिवक्ताओं को आशंका है कि फाइलों में बैक डेट में आदेश डाले जा सकते हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता शिवजी सिंह, पूर्व अध्यक्ष चंद्रशेखर यादव समेत कई अधिवक्ताओं ने बताया कि बैरिया तहसील में भ्रष्टाचार चरम पर है। छह महीने पहले तत्कालीन तहसीलदार सुदर्शन कुमार ने 100 से ज्यादा फाइलों के गायब होने की एफआईआर दर्ज कराई थी। लेकिन बाद में मामले को रफा-दफा कर दिया गया।
अधिवक्ताओं का कहना है कि पेशकार के स्थानांतरण की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे उनकी मनमानी और बढ़ गई। मंगलवार को कुछ अधिवक्ता अपने मुवक्किलों की फाइलें देखने पहुंचे। पेशकार ने न फाइलें दिखाईं और न ही दीं।
इस घटना के बाद अधिवक्ताओं ने न्यायालय से बाहर निकलकर विरोध जताया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। गौरतलब है कि एक महीने से अधिक समय से अधिवक्ता कार्य बहिष्कार कर रहे हैं।

