रिपोर्ट : बीके सिंह
लखीमपुर खीरी। डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की 134वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा समरसता पथ संचलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सामाजिक समरसता, एकता और राष्ट्रभक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
पथ संचलन की शुरुआत 4 बजे धर्म सभा इंटर कॉलेज से हुई, जिसमें सैकड़ों स्वयंसेवकों ने गणवेश में भाग लिया। ढोल-नगाड़ों और बैंड की धुनों के साथ अनुशासित पंक्तियों में निकाले गए संचलन को देखने के लिए सड़कों के किनारे बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। जगह-जगह पर पुष्पवर्षा कर स्थानीय नागरिकों ने स्वयंसेवकों का स्वागत किया।
कार्यक्रम में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने डॉ. अंबेडकर के विचारों पर प्रकाश डालते हुए उन्हें भारत के संविधान निर्माता और सामाजिक न्याय के अग्रदूत के रूप में याद किया। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने जातिवाद और सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध संघर्ष करते हुए समता और बंधुत्व पर आधारित समाज का सपना देखा था, जिसे साकार करने की दिशा में संघ लगातार कार्य कर रहा है।
पथ संचलन के अंत में एक संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के योगदान पर विचार साझा किए।
इस अवसर पर आरएसएस के गंगा सिंह जी ने कहा, “समरसता ही राष्ट्र की आत्मा है। डॉ. अंबेडकर ने जो संदेश दिया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। हम सभी को मिलकर उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए।”

