रिपोर्ट : बीके सिंह
लखीमपुर खीरी।जन हित जीवन जीना ही जीवन का दर्शन बन जाता है। ऐसा जीवन जिएं कि हमारा जीवन ही पूजन बन जाए। भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का काम करने वाले हनुमान जी को कभी भी अहंकार नहीं आया।जो भी करते थे राम की आज्ञा से करते थे। राम का काम मानकर करते थे।हम सभी को अपने बालकों को देश धर्म के लिए विना अहंकार के परमार्थ करने की प्रेरणा दें। उक्त विचार हैं श्री वेदमाता गायत्री प्रचार समिति के संस्थापक अध्यक्ष आचार्य पं राजेश दीक्षित के जिन्होंने तहसील निघासन के ग्राम पड़ुखिया कुटी पर संकटमोचन पंचमुखी हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा कराते हुए कहे।प्राण प्रतिष्ठा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया। कार्यक्रम के व्यवस्थापक पंचदशनाम जूना अखाड़ा नागा बाबा भैरवपुरी ने सहयोग करने के लिए सभी संतों एवं ग्रामवासियों का आभार व्यक्त किया।प्राण प्रतिष्ठा समारोह में यज्ञ किया गया और कन्या भोज के साथ भंडारा व प्रसाद वितरण के साथ समापन किया गया। समारोह में उपाचार्य पं तरुण तिवारी ने किया।

