रिपोर्ट : प्रिंस प्रजापति
मऊ। चित्रकूट के मऊ में एक PCS अधिकारी ने सामाजिक बराबरी की नई मिसाल पेश की है। मऊ के एसडीएम सौरभ यादव ने अपनी बेटी का दाखिला प्राइवेट स्कूल की बजाय सरकारी विद्यालय में कराया है।
एसडीएम यादव का मानना है कि शिक्षा का स्तर स्कूल की इमारत या फीस से नहीं, बल्कि शिक्षकों, विद्यार्थियों और व्यवस्था की नीयत से तय होता है। उनकी बेटी अब मऊ के अंग्रेजी माध्यम। प्राथमिक विद्यालय छिवलहा प्रथम मू एक सामान्य सरकारी स्कूल में पढ़ रही है। यहां न तो यूनिफॉर्म पर कोई ब्रांड है और न ही बैग पर डिजाइनर का नाम।
सौरभ यादव ने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बेहतर करने के लिए हमें खुद इस व्यवस्था का हिस्सा बनना होगा। उन्होंने कहा कि जब अधिकारियों और आम जनता के बच्चे एक साथ पढ़ेंगे, तभी वास्तविक समानता आएगी।
यह कदम उस मानसिकता को चुनौती देता है, जहां अधिकारी अपने बच्चों को महंगे अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में भेजना अपनी प्रतिष्ठा मानते हैं। एसडीएम यादव का यह निर्णय साबित करता है कि सरकारी स्कूलों में योग्यता की कमी नहीं है, बस समाज के भरोसे और सहयोग की आवश्यकता है।
